भारतीय हस्तशिल्प एवं उपहार मेला का उद्घाटन करते हुए केंद्रीय कपड़ा मंत्री डॉ. केएस राव ने कहा कि वर्ष 2016 तक हस्तशिल्प एक्सपोर्ट कारोबार को 18 हजार करोड़ रुपए से बढ़ाकर 36 हजार करोड़ रुपए करने का लक्ष्य रखा गया है।
यही नहीं, मेला आयोजक हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद (ईपीसीएच) उत्तर प्रदेश में हस्तशिल्प के कारोबार व उससे जुड़े लोगों के बेहतरी के लिए यूपी सरकार को एक रोडमैप भी बनाकर देगी।
नॉलेज पार्क के इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में मंगलवार को भारतीय हस्तशिल्प एवं उपहार मेला का उद्घाटन हुआ।
इस मौके पर केंद्रीय कपड़ा मंत्री ने कहा कि वर्ष 2012-13 में हस्तशिल्प का कारोबार 18 हजार करोड़ रुपए था। जिसे वर्ष 2015-16 तक 36 हजार करोड़ रुपए करने का लक्ष्य रखा गया है।
उन्होंने कहा कि हस्तशिल्प को बढ़ावा देने को लेकर लेटिन अमेरिका में फ्री पोर्ट की सुविधा को देखते हुए वेयरहाउस की स्थापना की जाएगी।
इन देशों में जाता है माल
इससे इंडिया से एक्सपोर्ट किए जाने वाले हस्तशिल्प माल लेटिन अमेरिका और उससे जुड़े देशों में जाने में कोई दिक्कत न आए।
लेटिन अमेरिका से 42 देश जुड़े हैं, जहां भारत से हस्तशिल्प माल जाता है। उन्होंने एक्सपोर्टर की मांग पर बैकों द्वारा लगाए जाने वाले ऊंचे ब्याज दर को भी कम करने का भरोसा दिया।
ईपीसीएच के कार्यकारी निदेशक राकेश कुमार ने बताया कि वेयर हाउस पर खर्च होनेवाले 107 करोड़ रुपए का बजट भी वित्त विभाग के पास मंजूरी के लिए भेजा गया है।
उन्होंने बताया कि 15 से 18 अक्तूबर तक चलने वाले मेला में इस बार 1,500 करोड़ रुपए कारोबार का लक्ष्य रखा गया है।
यूपी के विज्ञान व तकनीकी राज्य मंत्री अभिषेक मिश्रा ने कहा कि इंडिया एक्सपो एंड मार्ट में भाग लेनेवाले एक्जीविटर में से अकेले 40 प्रतिशत एक्जीविटर मुरादाबाद से भाग लेते हैं। यही नहीं देश में हस्तशिल्प में 35 प्रतिशत का कारोबार यूपी से होता है।
मिश्रा ने कहा कि यूपी में हस्तशिल्प के कारोबार को बढ़ाने और इससे जुड़े एक्सपोर्टर, व्यापारी व मजदूरों की समस्याओं को लेकर जल्द ही केंद्रीय कपड़ा मंत्री के साथ बैठक करेंगे।
बढ़ावा देने को बनेगा रोड मैप
हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद (ईपीसीएच) हस्तशिल्प उद्योग को बढ़ावा देने, निर्यातकों की समस्या व परेशानी के अलावा इससे जुड़े कर्मियों के बेहतरी को लेकर यूपी सरकार को एक रोड मैप बनाकर देगी।
ईपीसीएच के कार्यकारी निदेशक राकेश कुमार ने बताया कि रोड मैप में मैन्युफैक्चरिंग, प्रोडक्शन, डिजाइन, कलस्टर डवलपमेंट, इंफ्रास्टक्चर जैसी कई बातों को शामिल किया जाएगा। इस बारे में यूपी के विज्ञान व तकनीकी मंत्री से बात हो चुकी है।