दुनिया में इस साल अनाज की पैदावार का नया रिकॉर्ड बन सकता है और लोगों को इसका खाद्यान्न की कीमतों में कमी के रूप में मिल सकता है।
संयुक्त राष्ट्र खाद्य एवं कृषि संगठन (एफएओ) ने अपनी एक रिपोर्ट में चालू वित्त वर्ष (2013-14) के दौरान खाद्यान्न की ग्लोबल पैदावार में 6.5 फीसदी की वृद्धि होने और इसके रिकार्ड 2.46 अरब टन के स्तर पर पहुंचने की संभावना जताई है।
रिपोर्ट के मुताबिक अनाज के उत्पादन में इस बढ़ोतरी से इसकी कीमतों में गिरावट आ सकती है। अनाज के उत्पादन में इस बढ़ोतरी की वजह गेहूं और मक्के की पैदावार में वृद्धि को बताया गया है।
एफएओ ने दुनिया भर में खाद्यान्न के उत्पादन के पूर्वानुमान संबंधी अपनी अर्द्धवार्षिक रिपोर्ट में कहा है कि रिकार्ड उत्पादन होने से खाद्यान्न की कीमतों में कमी आएगी, जिससे लोगों को काफी राहत मिलेगी। एफएओ के मुताबिक मौजूदा वित्त वर्ष में दुनिया में खाद्यान्नों की खपत में भी तीन प्रतिशत की बढ़ोतरी रहेगी, जिससे यह बढ़कर 2.40 अरब टन के करीब पहुंच जाएगी।
रिपोर्ट के अनुसार खाद्यान्नों में सबसे ज्यादा मांग अमेरिका में चारे और औद्योगिक इस्तेमाल के लिए मक्के की रहेगी। वित वर्ष के आखिरी में खाद्यान्न भंडारों में 11 फीसदी यानी कि 56.9 करोड टन की वृद्धि होगी, जो कि पिछले 12 वर्षों का सबसे ऊंचा स्तर होगा।
रिपोर्ट के अनुसार मौजूदा वित्त वर्ष में गेहूं की ग्लोबल पैदावार 70.2 करोड़ टन रहने का अनुमान है। मोटे अनाजों की पैदावार भी 1.26 अरब टन रहने का अनुमान है, जबकि धान की फसल बढ़कर भी 48.99 करोड़ टन हो जाने का अनुमान है। रिपोर्ट में बताया गया है कि खाद्यान्न कीमत सूचकांक में मई में हल्की गिरावट देखी गई है।