देश की आर्थिक विकास दर में तेजी लाने पर सरकार का जोर बना रहेगा और महंगाई दर के नरम पड़ने को देखते हुए आर्थिक विकास दर बढ़ाने के लिए सरकार भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) से ब्याज दरों में कटौती के लिए कहेगी।
वित्त मंत्री पी. चिदंबरम का कहना है कि आरबीआई को इस बात को पर्याप्त महत्व देना चाहिए कि उपभोक्ता मूल्य आधारित महंगाई दर ऊपर होने के बावजूद प्रमुख महंगाई दर में गिरावट आई है।
ऐसे में चालू खाते के घाटे को ध्यान में रखते हुए ब्याज दरों में कमी की ओर कदम बढ़ाया जाना चाहिए।
वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार का हमेशा ही विकास दर में तेजी लाने पर जोर रहा है। इसलिए सरकार आगे भी आरबीआई से ब्याज दरों में कटौती का आग्रह करती रहेगी।
उन्होंने खुदरा महंगाई दर का आंकड़ा अब भी दहाई से ऊपर बने रहने पर चिंता जताते हुए कहा कि यह संतोषजनक स्थिति नहीं है, पर फिर भी हमें विकास दर बढ़ाने पर जोर देना होगा।
गौरतलब है कि रिजर्व बैंक 3 मई को अपनी अगली मौद्रिक समीक्षा जारी करने वाला है। उम्मीद की जा रही है कि इसमें वह महंगाई के साथ-साथ विकास दर और औद्योगिक उत्पादन की स्थिति को भी ध्यान में रखते हुए कोई कदम उठाएगा।