केंद्र सरकार ने नेशनल स्पॉट एक्सचेंज (एनएसईएल) का फाइनेंसियल टेक्नोलॉजीज के साथ विलय करने का फैसला किया है।
संकटग्रस्त एनएसआईएल जिग्नेश शाह की अगुवाई वाली फाइनेंसियल टेक्नोलॉजीज (इंडिया) लिमिटेड की कंपनी है। प्रस्तावित विलय के लिए मसौदा आदेश जारी करते हुए सरकार ने मंगलवार को कहा कि यह फैसला जनहित में लिया गया है।
कंपनी मामलों के मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि केंद्र सरकार ने एनएसईएल का उसकी होल्डिंग कंपनी एफटीआईएल के साथ जनहित में विलय करने का फैसला किया है। इसके अलावार सरकार ने मसौदा आदेश में दोनों कंपनियों के सदस्यों और ऋणदाताओं से राय मांगी है।
बयान में कहा गया है कि इस बारे में सभी जरूरी प्रक्रियाओं का पालन किया जाएगा। दोनों कंपनियों के सदस्य और ऋणदाता अपने सुझाव और आपत्तियां 60 दिन में देंगे। कंपनी मामलों का मंत्रालय कंपनी कानून को लागू कराने के लिए जिम्मेदार है।
मसौदा आदेश के मुताबिक एफटीआईएल ने इस बात को स्पष्ट नहीं किया है कि पैरेंट कंपनी के तौर पर एनएसईएल या एफटीआईएल ने एक्सचेंज के सदस्यों और ग्राहकों के लिए सुरक्षित और जोखिम मुक्त कारोबार सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता का सम्मान करने के लिए क्या किया।
आदेश में कहा गया है कि लंबित बकाया वसूलने के लिए एनएसईएल के पास वित्तीय या मानव संसाधन नहीं हैं।