कॉल ड्राप के मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हस्तक्षेप के बाद टेलीकॉम कंपनियों पर शिकंजा कसने की तैयारी शुरू हो गई है।
दूरसंचार विभाग का मानना है कि ठोस कदम उठाए बगैर कॉल ड्रॉप की समस्या जारी रहेगी, इसलिए टेलीकॉम कंपनियों पर कॉल ड्रॉप के मामले में जुर्माना लगाने की तैयारी की जा रही है। हाल ही में प्रधानमंत्री ने कॉल ड्रॉप की समस्या पर गहरी चिंता जाहिर करते हुए इस समस्या को जल्द से जल्द दूर करने का निर्देश दिया था।
मंत्रालय सूत्रों के मुताबिक सरकार प्रत्येक कॉल ड्रॉप पर टेलीकॉम कंपनियों से ग्राहकों को एक से पांच रुपये तक भुगतान करने को कह सकती है। भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) टेलीकॉम कंपनियों को यह भी कह सकता है कि कॉल ड्राप के बदले वह उपभोक्ताओं को टैरिफ में छूट दे या बिल में कॉल ड्रॉप से होने वाले नुकसान की भरपाई करे।
यानी कि पोस्ट पेड वाले उपभोक्ताओं को बिल में नुकसान का समायोजन किया जाए वहीं प्री-पेड ग्राहकों को नुकसान के बदले अतिरिक्त कॉल मिले या उनकी दरें कम की जाए।