विशेष आर्थिक क्षेत्रों (सेज) की चमक लौटाने के लिए सरकार जनवरी के अंत तक नए दिशा-निर्देश जारी कर सकती है। सेज पर कई तरह के कर लगाने और कर छूटों को खत्म करने के चलते उद्योग जगत में इनकी लोकप्रियता को बहाल करने के इरादे से सरकार यह कदम उठाने जा रही है।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री आनंद शर्मा ने बताया कि सेज के बारे में नए दिशा-निर्देश एक महीने के भीतर जारी कर दिए जाएंगे और यह निश्चित रूप से उत्साहजनक व सेज के प्रति उद्योग जगत का रुझान बढ़ाने वाले होंगे। उन्होंने बताया कि उद्योग सचिव और वित्त सचिव के बीच इसे लेकर चर्चा हो चुकी है और स्वयं वह भी वित्त मंत्री पी चिदंबरम के साथ इस पर विचार-विमर्श कर चुके हैं।
गौरतलब है कि तकरीबन सभी तरह के करों से मुक्त रखे जाने के बाद सरकार द्वारा 2010-11 में सेज पर मिनिमम ऑल्टर्नेटिव टैक्स (मैट) व डिविडेंड डिस्ट्रीब्यूशन टैक्स (डीडीटी) कर लगा दिया था। इन करों को लगाए जाने के बाद से ही सेज के प्रति उद्योग जगत में उदासीन रवैया दिखाई देने लगा था। कई कंपनियों ने तो इस दौर में सेज के अपने प्रस्तावों को सरकार से वापस भी ले लिया।