सरकार किंगफिशर एयरलाइंस की ऑपरेशंस फिर से शुरू करने के संबंध में 650 करोड़ रुपये की निवेश योजना से संतुष्ट नहीं है। सरकार को इसमें सक्षम और भरोसेमंद सर्विस की गारंटी नहीं दिखाई दे रही है। यह बात नागर विमानन महानिदेशालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कही।
अधिकारी ने कहा कि हम चाहते हैं कि एयरलाइन निरंतर, दक्ष और विश्वसनीय तरीके से काम करे। किंगफिशर द्वारा सौंपी गई रिवाइवल योजना में कर्जदाताओं और कर्मचारियों के बकाया भुगतान से जुड़ी बहुत से बातें हैं, जिन्हें देखते हुए हमें लगता है कि कंपनी भरोसेमंद सेवा नहीं दे सकेगी। एयरलाइंस का 650 करोड़ रुपये का निवेश कार्यक्रम से उसकी परिचालन फिर से शुरू करने की योजना का हिस्सा है। विमानन कंपनी का लाइसेंस 31 दिसंबर 2012 को निरस्त हो गया और उसका परिचालन अक्तूबर से बंद है।