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कहीं और न बढ़ जाए जलती, चुभती महंगाई की आग

Thu, 01 Nov 2012 10:05 PM IST
नई दिल्ली/अमर उजाला ब्यूरो
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सरकार ने रोजमर्रा के इस्तेमाल की 19 वस्तुओं पर नया पैकेजिंग मानक एक नवंबर से लागू कर दिया है। अब इन वस्तुओं को 25, 50, 75 और 100 ग्राम जैसे वजन के निर्धारित पैक में ही बेचा जा सकेगा। अब 100 ग्राम के पैक में 100 ग्राम सामान ही मिलेगा, कंपनी इसे घटाकर 90 ग्राम या ऑफर के नाम पर बढ़ाकर 110 ग्राम नहीं कर पाएगी।
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सरकार के इस फैसले से उन कंपनियों पर अंकुश लगेगा जो कीमत बढ़ाने के बजाय पैक का वजन घटा देती थी। वैसे इस फैसले को मानने में आनाकानी करती आ रहीं कंपनियां अब नए मानक के नाम पर 10 से 15 फीसदी तक कीमतें बढ़ा सकती हैं।

जिन 19 वस्तुओं की पर नया पैकेजिंग मानक अनिवार्य किया गया है उनमें ब्रेड, बिस्कुट, चाय, दूध पाउडर, नमक, साबुन, पेंट वार्निश, सीमेंट, मिनरल वाटर, मोटे अनाज व दालें, गैर मादक पेय, वनस्पति तेल, डिटर्जेंट, आटा, सूजी, घी और मक्खन शामिल हैं।
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अब इन्हें बनाने और बेचने वाली कंपनियों को नए मानक के हिसाब से पैकेजिंग करनी पड़ेगी। बाजार में बहुत से पैक 50 के बजाय 45 ग्राम और 500 के बजाय 480 ग्राम वजन में आ रहे हैं। अब ऐसा नहीं हो सकेगा।

नए पैकेजिंग मानक पर केंद्रीय खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने गत 5 जून को अधिसूचना जारी की थी, लेकिन कंपनियों ने इसे अपनाने के लिए कुछ महीने का समय मांगा था। मंत्रालय की ओर से जारी सूचना के अनुसार, नए मानक का उल्लंघन करने वाली कंपनियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

गत 31 अक्टूबर से पहले बाजार में आ चुके नॉन-स्टैंडर्ड पैक कार्रवाई से मुक्त रहेंगे। तय वजन की पैकेजिंग का असर ऐसे प्रमोशनल ऑफर पर भी पड़ेगा, जिनमें मौजूदा कीमत पर 10 या 20 फीसदी ज्यादा सामान दिया जाता है। अब कंपनियों के लिए ऐसे ऑफर देना मुश्किल होगा।

पैकेजिंग इंडस्ट्री एसोसिएशन ऑफ इंडिया के डिप्टी सीईओ उमेश खंडालकर का कहना है कि नए मानक को अपनाने के लिए कंपनियों को पैकेजिंग पर निवेश करना होगा, जिसकी सबसे ज्यादा मार छोटी कंपनियों पर पड़ेगी। नए मानकों के बाद इन सामानों की कीमत में 15 फीसदी तक की वृद्धि तय है। निर्धारित वजन की बाध्यता की वजह कंपनियां बड़े पैक में प्रमोशन ऑफर नहीं दे पाएंगी और नए वजन के हिसाब से पैक तैयार करने पड़ेंगे।

उधर, उपभोक्ता मामलों के संयुक्त सचिव मनोज परिदा का कहना है कि नए मानक लागू होने के बाद कंपनियां वजन घटाकर ग्राहकों को नहीं ठग सकेंगी। अब ग्राहक को दो दिखेगा, वही मिलेगा। यह फैसला उपभोक्ताओं के हित में है और इससे पारदर्शिता बढ़ेगी।
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