सरकार ने होल मिल्क पाउडर (डब्लूएमपी) सहित कुछ दुग्ध उत्पादों के निर्यात पर लगा प्रतिबंध हटा लिया है। दूध की पर्याप्त उपलब्धता को देखते हुए सरकार ने यह कदम उठाया है।
विदेशी व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक दूध व क्रीम, मिल्क पाउडर, शिशु दुग्ध आहार, डेयरी व्हाइटनर, डब्लूएमपी सहित संतृप्त या शक्कर मिश्रित या अन्य मिल्क पाउडर के निर्यात पर से प्रतिबंध हटा लिया गया है। यह अधिसूचना इस माह के शुरू में आर्थिक मामलों की कैबिनेट कमेटी द्वारा लिये गए फैसले के बाद जारी की गई है।
डीजीएफटी के मुताबिक स्किम्ड मिल्क पाउडर के निर्यात को लेकर नीतिगत स्तर पर कोई बदलाव नहीं किया गया है। यह पहले की तरह प्रतिबंध से बाहर रहेगी। फरवरी 2011 में सरकार ने घरेलू आपूर्ति को बेहतर बनाने के लिए सभी तरह के दुग्ध उत्पाद, स्किम्ड मिल्क पाउडर, होल मिल्क पाउडर, डेयरी व्हाइटर, शिशु दुग्ध आहार, दुग्ध प्रोटीन और दुग्ध प्रोटीन उत्पादों के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया था।
हालांकि, इस साल अप्रैल में दुग्ध प्रोटीन और जून में स्किम्ड मिल्क पाउडर के निर्यात पर से प्रतिबंध हटा लिया गया था। वर्तमान में देश में मिल्क पाउडर का 1.12 लाख टन का भंडार मौजूद है। इसके साथ ही सितंबर में देश में रोजाना 300 लाख किलो दूध का उत्पादन हुआ, जबकि बिक्री प्रतिदिन 260 लाख किलो रही।