ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में कम पूंजी के जरिए अपना कारोबार शुरू करने के लिए प्रधानमंत्री रोजगार गारंटी कार्यक्रम का लाभ युवा उठा सकते हैं।
इसके तहत उन्हें जहां 90-95 फीसदी तक प्रोजेक्ट की लागत पर कर्ज मिल जाता है, वहीं 15-35 फीसदी तक सब्सिडी भी मिल जाती है।
इस स्कीम को सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग मंत्रालय खादी ग्रामोद्योग आयोग के जरिए लागू करता है। स्कीम की जानकारी लेने में जिला औद्योगिक केंद्र, पंचायत और गैर सरकारी संगठनों से भी मदद मिलती है।
क्या है स्कीम
प्रधानमंत्री रोजगार गारंटी कार्यक्रम के तहत शहर और ग्रामीण क्षेत्र के आधार पर प्रोजेक्ट की राशि तय होती है। इसमें सामान्य वर्ग के आवेदकों को 90 फीसदी तक राशि फाइनेंस की जाती है। जबकि अनुसूचित जाति और जनजाति, महिलाओं और विशेष क्षेत्र में रहने वाले लोगों को 95 फीसदी तक राशि फाइनेंस की सुविधा मिलती है।
इसके अलावा प्रोजेक्ट पर मिलने वाली सब्सिडी की सीमा क्षेत्र के आधार पर तय होती है। शहरी क्षेत्र में सामान्य वर्ग के आवेदक को 15 फीसदी और दूसरे वर्ग के आवेदक को 25 फीसदी सब्सिडी, इसी तरह ग्रामीण क्षेत्र में 25 और 35 फीसदी की सब्सिडी मिलती है।
कौन हैं पात्र
कोई भी व्यक्ति जिसकी उम्र 18 साल से ज्यादा वह कार्यक्रम के लिए पात्र है। इसके अलावा स्वयं सहायता समूह, सहकारी समिति आदि भी कार्यक्रम के लिए पात्रता रखते हैं। कार्यक्रम प्रमुख रूप से माइक्रो सेक्टर के तहत आने वाले प्रोजेक्ट के लिए लागू होता है। ध्यान देने वाली यह है कि प्रोजेक्ट की लागत में जमीन की लागत शामिल नहीं है।
कहां से मिलेगा कर्ज
योजना के तहत सभी सार्वजनिक बैंक और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक कर्ज देते हैं। इसके अलावा भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक, कार्यक्रम के लिए स्वीकृत सहकारी बैंक और निजी बैंक भी कर्ज देते हैं। कर्ज चुकाने के लिए कारोबारी को तीन से सात साल तक का समय मिलता है।
कुशलता के लिए मिलता है सहयोग
कारोबार शुरू करने के लिए पूंजी सहायता के अलावा, उस संबंध में जरूरी सामान्य कुशलता के लिए भी प्रशिक्षण दिया जाता है, जो कि 10 दिन से लेकर दो से तीन हफ्ते तक का होता है।