सर्विस टैक्स बकायेदारों के लिए बुरी खबर है। टैक्स जमा नहीं करने वालों की अब गिरफ्तारी की जा सकती है और उन्हें सात साल तक की जेल की सजा हो सकती है।
पिछले सप्ताह वित्त विधेयक 2013 के पास होने के साथ ही राजस्व विभाग के अधिकारी अब कलेक्शन किए गए सर्विस टैक्स का भुगतान नहीं करने वाले व्यक्ति को गिरफ्तार कर सकते हैं।
अभी तक अधिकारियों को सर्विस टैक्स चोरी के मामले में गिरफ्तारी का अधिकार नहीं था। इसके अलावा सर्विस टैक्स जमा न कराने वाली कंपनी के डायरेक्टर और मैनेजर को भी गिरफ्तार किया जा सकता है।
साथ ही उन्हें 7 साल तक की सजा भी हो सकती है और एक लाख रुपये तक का जुर्माना भी लगाया जा सकता है। यह पहली बार है जब सर्विस टैक्स नियमों में संशोधन कर सीमा शुल्क और केंद्रीय उत्पाद शुल्क की तर्ज पर आपराधिक प्रक्रिया संहिता जोड़ी गई है।
इस साल के वित्त बिल में जोड़ी गई धारा 91 के तहत जुटाए गए सर्विस टैक्स को जमा न करने वाले व्यक्ति को गिरफ्तार करने का अधिकार मिल गया है। हालांकि ऐसे मामलों में गिरफ्तारी केंद्रीय उत्पाद शुल्क अधीक्षक के स्तर के अधिकारी ही कर सकेंगे।
यह बिल 10 मई को पारित हुआ है। इसमें सर्विस टैक्स अदा न करने वाले और सरकार से रजिस्ट्रेशन नंबर लेने में विफल रहने वाले व्यक्ति या कंपनी पर जुर्माना लगाने का भी प्रावधान है।