सरकार ने कामकाज की गति संतोषजनक न होने के चलते 9 विशेष आर्थिक क्षेत्रों (सेज) की मंजूरियों को निरस्त कर दिया है। रद्द किए गए सेज में हिंडाल्को, एस्सार और अदाणी के सेज भी शामिल हैं।
इन सेज परियोजनाओं को रद्द करने का फैसला 18 सितंबर को वित्त सचिव राजीव खेर की अध्यक्षता में हुई सेज मंजूरी बोर्ड की बैठक में लिया गया। वाणिज्य मंत्रालय के मुताबिक बैठक में सेज परियोजनाओं की स्थिति की समीक्षा की गई। इनमें से 9 परियोजनाओं के विकास की गति संतोषजनक नहीं रहने के चलते इनकी मंजूरियों को निरस्त करने का फैसला किया गया है। बोर्ड के इस फैसले के बाद इन सेज परियोजनाओं के डेवलपरों को सेज के तहत लिए गए कर छूट आदि के लाभ को वापस करना होगा।
गौरतलब है कि हिंडाल्को को ओडिशा में एल्यूमीनियम उत्पादों का सेज बनाने की मंजूरी वर्ष 2007 में मिली थी। इसी तरह एस्सार को जाम नगर में मल्टी प्रोडक्ट जोन 2006 में मिली थी, जो अगस्त 2009 में समाप्त हो गई थी। इसी तरह गुजरात में अदाणी के आईटी व आईटीई सेज को 2007 में मिली मंजूरी 2010 में समाप्त हो गई। हिंडाल्को, एस्सार व अदाणी के सेज के अलावा चेन्नई बिजनेस पार्क, गुजरात इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन द्वारा कांडला में इंटिग्रेटेड वेयरहाउस के प्रोजेक्ट भी रद्द किए गए हैं।
सेज डेवलप करने वाली कंपनियों का कहना है कि वह आईटी समेत कई क्षेत्रों में मांग में आई कमी के चलते इन परियोजनाओं को आगे बढ़ा पाने की स्थिति में नहीं हैं। ऐसे में इन सेज परियोजनाओं में अब उनकी रुचि नहीं रह गई है।