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प्याज के निर्यात पर रोक नहीं लगाएगी सरकार

Mon, 28 Jan 2013 11:35 PM IST
नई दिल्ली/अमर उजाला ब्यूरो
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प्याज की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए सरकार इसके निर्यात पर रोक नहीं लगाएगी। सरकार का तर्क है कि फसल खराब होने का दर्द झेल रहे किसानों को उपज की उचित कीमत दिलाने के लिए निर्यात जारी रखना जरूरी है। वैसे भी प्याज की कीमतों में इतनी बढ़ोतरी नहीं हुई है कि सरकार को हस्तक्षेप करना पड़े। उत्पादक मंडियों में प्याज का दाम (किस्मानुसार) 500 रुपये 1,500 रुपये क्विंटल चल रहा है। जबकि खुदरा भाव 12 से 28 रुपये प्रति किलो तक हैं।
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कृषि मंत्रालय के मुताबिक मानसून में देरी के चलते खरीफ सीजन में प्याज की बुवाई प्रभावित हुई थी। जिसके चलते पिछले वर्ष के मुकाबले इस वर्ष प्याज की पैदावार 20 फीसदी तक घटकर 136 से 138 लाख टन रहने का अनुमान लगाया गया है।

देश के कुल उत्पादन में 50 फीसदी का योगदान करने वाले महाराष्ट्र और कर्नाटक में प्याज की फसल 35 फीसदी तक कमजोर है। कमजोर पैदावार के कारण इस साल प्याज के दामों में ज्यादा कमी होने की संभावना नहीं है। नासिक में प्याज का दाम 700 से 1,500 रुपये प्रति क्विंटल चल रहा है।
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वहीं, उपभोक्ता मामले मंत्रालय की नजर में प्याज की कीमतें सामान्य हैं। मौसम खराब होने के कारण पिछले एक पखवाड़े में प्याज के दामों में जो आकस्मिक बढ़ोतरी हुई थी, वह अब मौसम साफ होने के साथ घटना शुरू हो गई है।

उम्मीद है कि अगले दो-तीन दिनों में प्याज के दाम 300 से 500 तक और घट सकते हैं। हालांकि महाराष्ट्र में बांग्लादेश, म्यांमार और खाड़ी देशों के लिए निर्यातकों की खरीद अच्छी चल रही है। लेकिन अन्य राज्यों से आवक बढ़ने पर कीमतों में कमी होना तय है। चालू वित्तीय वर्ष में दिसंबर तक प्याज का निर्यात 12.95 लाख टन हो चुका है। जो पिछले वर्ष की इसी अवधि के मुकाबले लगभग दो लाख टन अधिक है।
 
प्याज की तेजी थमी
उत्तर भारत की उपभोक्ता मंडियों में आपूर्ति सुधरने के साथ ही प्याज की कीमतें नीचे उतरना शुरू हो गई हैं। दिल्ली और आसपास की मंडियों में दो दिनों के दौरान प्याज के दाम 500 रुपये प्रति क्विंटल तक गिर चुके हैं। दिल्ली में प्याज का थोक दाम 1,000 से 2,000 रुपये और खुदरा दाम 18 रुपये से 28 रुपये किलो रह गया है।
 
व्यापारियों का कहना है कि मौसम साफ होने से महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक और मध्यप्रदेश से भी प्याज की आवक में सुधार हुआ है। दो दिनों के दौरान दिल्ली में विभिन्न क्षेत्रों से प्याज की आवक 3,500 टन दर्ज की गई। आलू प्याज मर्चेंट्स एसोसिएशन आजादपुर के महामंत्री राजेंद्र शर्मा के मुताबिक राजस्थान से छोटी प्याज की निकासी बढ़ने से तेजी का दौर समाप्त हो गया है।

मौसम इसी तरह से साफ रहा तो अगले चार-पांच दिनों में प्याज के थोक थोक दाम 800 से 1,500 रुपये प्रति क्विंटल तक गिर सकते हैं। इससे प्याज के खुदरा दाम भी 15 से 22 रुपये किलो हो सकता है।
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