वित्त मामलों की स्थाई समिति के सुझावों को शामिल करने के बाद सरकार संशोधित प्रत्यक्ष कर संहिता (डीटीसी) विधेयक लाएगी। समिति के सुझावों में सालाना करछूट की सीमा बढ़ाकर 3 लाख रुपये करना शामिल है। वित्त मंत्री के सलाहकार पार्थसारथी सोम ने यहां फिक्की के एक कार्यक्रम में कहा कि सरकार स्थाई समिति के सुझावों को लेकर संशोधित डीटीसी बिल लाएगी।
उन्होंने बताया कि वित्त मंत्रालय विधेयक का अध्ययन कर रहा है और संसदीय समिति की सुझावों के अनुरूप कर ढांचे पर कार्य कर रही है। वरिष्ठ भाजपा नेता यशवंत सिन्हा की अध्यक्षता वाली वित्त समिति ने अपने रिपोर्ट में आयकर छूट की सीमा सालाना 3 लाख रुपये करने का सुझाव दिया है।
मूल डीटीसी विधेयक में यह सीमा 2 लाख रुपये है। समिति ने लोगों को महंगाई के प्रभाव से राहत उपलब्ध कराने के लिए उसी के अनुरूप टैक्स स्लैब को समायोजित करने का भी सुझाव दिया है। डीटीसी विधेयक पांच दशक से अधिक पुराने आयकर कानून की जगह लेगा।
सोम ने कहा कि कर प्रावधानों में पारदर्शिता लाने के लिए हम क्या बेहतर कर सकते हैं, इस पर विचार कर रहे हैं। ताकि, पारदर्शिता के मसले पर असंतोष को दूर किया जा सके। इसके अलावा, वित्त मंत्रालय खर्चों को नियंत्रित करने के मामले पर भी गंभीरता से विचार कर रहा है। डीटीसी बिल को अगस्त 2010 में पेश किया गया था, जिसे स्क्रूटनी के लिए स्थाई समिति को भेज दिया गया था।