लोकसभा चुनाव से पहले यूपीए सरकार के आखिरी अंतरिम रेल बजट में रेलमंत्री मल्लिकार्जुन खड़गे यात्रियों को चुनावी मौसम की कुछ सौगात देंगे। समझा जाता है कि रेल बजट के मौके पर वे 20 रूटों पर प्रीमियम ट्रेन चलाने की घोषणा कर सकते हैं।
पायलट प्रोजेक्ट के रूप में कुछ ट्रेनों में ऑन डिमांड फास्ट फूड उपलब्ध कराए जाने की घोषणा भी इस बार बजट में हो सकती है।
अंतरिम बजट प्रस्ताव को तैयार करने के लिए रेल मंत्रालय में युद्धस्तर पर काम चल रहा है। रेलवे सूत्रों का दावा है कि बजट अंतरिम है, इसलिए किसी बड़ी योजना के घोषणा की उम्मीद नहीं है। राजनीतिक नेतृत्व हालांकि चुनाव के मद्देनजर नई योजनाओं को इसमें शामिल करने का दबाव बना रहा है, लेकिन रेलवे बोर्ड अधिकारी इससे सहमत नहीं हैं।
किराए में मिलेगी छूट?
किराये में किसी तरह की छूट देने पर सर्वाधिक विरोध है। कुछ महीने पहले दिल्ली-मुंबई रूट पर राजधानी ट्रेनों की तर्ज पर शुरू हुई प्रीमियम ट्रेन की सफलता को देखते हुए रेलवे 20 रूटों पर व्यस्त सीजन में प्रीमियम ट्रेन चलाने का प्रस्ताव तैयार कर चुका है। अंतरिम बजट में इसकी घोषणा की जा सकती है।
बजट में रेलवे कुछ ट्रेनों में फास्ट फूड उपलब्ध कराने की योजना को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में स्वीकृति प्रदान कर सकती है। यात्री ट्रेन में ऑन डिमांड अतिरिक्त भुगतान करके अपने लिए फास्ट फूड मंगा सकेंगे।
रेलमंत्री के बजट भाषण में नई घोषणाओं से ज्यादा रेलवे की उपलब्धियों के बखान पर जोर रहेगा। यात्री सुविधाओं को लेकर कुछ कड़े कदम उठाने की भी घोषणा रेल बजट में हो सकती है।
क्या है प्रीमियम ट्रेन
प्रीमियम ट्रेन सुविधाओं का स्तर व बेसिक किराया राजधानी जैसा होगा। हवाई सेवा की तरह इसके किराये में लगातार बदलाव होता रहेगा।
साठ दिन पहले बुकिंग कराने वालों को बेस किराया देना होगा जबकि बाद में इसकी कीमतें मांग के अनुसार बढ़ती जाएंगी। नव वर्ष पर मुंबई के लिए चलाई गई प्रीमियम ट्रेन में कुछ यात्रियों ने एसी थ्री का टिकट दोगुने दाम पर खरीदा था। शुरू में टिकट सिर्फ ऑनलाइन होगा तथा इसमें किसी तरह की प्रतीक्षा सूची भी नहीं होगी।
प्रीमियम ट्रेन के लिए रेलवे ने जो 20 रूट चुने हैं, उनमें मुंबई सेंट्रल से अमृतसर, पुणे से हावड़ा, हावड़ा से जालंधर, पुणे से जम्मू तवी, मुंबई छत्रपति शिवाजी टर्मिनस से भुवनेश्वर, डिब्रूगढ़ से नई दिल्ली, हावड़ा से मुंबई, पुणे से पटना, लखनऊ से मुंबई, अहमदाबाद से दिल्ली, गोरखपुर से नई दिल्ली, बंगलूरू से पटना, स्यालदह से नई दिल्ली, चेन्नई से जयपुर, सिकंदराबाद से नई दिल्ली, मुंबई से चेन्नई, हावड़ा से चेन्नई, गोवा से नई दिल्ली तथा त्रिवेंद्रम से गुवाहाटी रूट शामिल हैं। इनमें से कुछ रूटों पर नियमित तथा कुछ पर केवल व्यस्त सीजन में ट्रेन चलाने का फैसला लिया जा सकता है।
रेलमंत्री खड़गे अंतरिम बजट संसद में पेश करने के बाद मीडिया से नहीं मिलेंगे। अभी तक यह परंपरा रही है कि बजट के बाद रेलमंत्री मीडिया से रूबरू होकर विभिन्न सवालों के जवाब देते रहे हैं।