देश में पेट्रोल-डीजल की मांग घटाने के लिए सरकार पेट्रोल पंपों को रात में बंद करने के विकल्प पर विचार कर सकती है। इसके तहत रात आठ बजे से दिन के आठ बजे तक पेट्रोल पंप बंद रखे जा सकते हैं।
पेट्रोलियम मंत्री वीरप्पा मोइली ने कहा कि तेल की मांग में कटौती के लिए सरकार पेट्रोल पंपों को रात में बंद करने समेत कई प्रस्तावों पर विचार कर रही है। इसका मकसद तेल आयात कम करना है। लेकिन अभी इस पर फैसला नहीं किया गया है।
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मोइली के इस बयान पर बीजेपी ने तीखी प्रतिक्रिया की है। पार्टी के प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने कहा कि पेट्रोल पंप क्या, सरकार तो पूरे देश को बंद कर देगी? क्या लोग दिन में अपनी गाड़ियों में पेट्रोल नहीं भरवा लेंगे?
मोइली साहब तो अजीब फैसला कर रहे हैं। अगर मनमोहन सिंह सरकार इकोनॉमी को दुरुस्त नहीं कर पा रही है तो बीजेपी से आइडिया ले ले।
इस बीच, तेल सचिव विवेक राय ने कहा है कि पेट्रोल-डीजल बचाने के लिए सरकार के सामने रात आठ बजे से सुबह आठ बजे तक पेट्रोल पंपों को बंद करने की फिलहाल कोई योजना नहीं है।
पेट्रोलियम मंत्रालय ने तेल की मांग में तीन फीसदी की कटौती के लिए 16 सितंबर से एक बड़ा अभियान चलाने की योजना बनाई है।
इससे तेल आयात के मद में 16000 करोड़ रुपये यानि ढाई अरब डॉलर की बचत होगी। चालू खाता घाटा कम करने के लिए तेल आयात बिल में कटौती की योजना बन रही है।
मोइली ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को पत्र लिख कर तेल आयात बिल में 20 अरब डॉलर की कटौती करने की योजना का खुलासा किया है। उन्होंने आम जनता से भी पेट्रोल-डीजल की खपत पर अंकुश लगाने की अपील की है।