केंद्र सरकार के कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफओ) के विवादास्पद सर्कुलर को ठंडे बस्ते में डालने की संभावना है। इस सर्कुलर में कर्मचारियों की बेसिक सैलरी में सभी अलाउंस को शामिल कर उस पर पीएफ काटने का निर्देश दिया गया था। इससे कर्मियों को मिलने वाले वेतन में ज्यादा कटौती की जाती।
इस बारे में एक सूत्र ने कहा कि ट्रेड यूनियनों और नियोक्ताओं के विरोध को देखते हुए श्रम मंत्रालय जल्द ही ईपीएफओ को इस प्रस्ताव को स्थगित करने को कहेगा। ईपीएफओ ने 30 नवंबर को सर्कुलर जारी किया था। इसके बाद ट्रेड यूनियनों ने श्रम मंत्रालय से अपना विरोध जताते हुए इसे कर्मचारी विरोधी करार दिया था।
सर्कुलर के अनुसार कर्मचारी को मिलने वाले अलग-अलग अलाउंस को बेसिक सैलरी से जोड़कर उस पर पीएफ काटा जाएगा। इस तरह जो सैलरी हर महीने मिलती है, उसमें कटौती तो होगी, लेकिन पीएफ खाते में कर्मचारी के साथ-साथ कंपनी की तरफ से इस मद में दिया जाने वाला योगदान बढ़ जाएगा।
इस तरह कर्मचारी खाते में बचत बढ़ जाएगी। नियोक्ता कंपनियां पीएफ योगदान बेसिक सैलरी और महंगाई भत्ते पर काटती हैं।