प्रधानमंत्री कार्यालय ने आकाश टैबलेट को आम लोगों के बीच ले जाने की योजना को हरी झंडी दे दी है।
सचिव स्तर की बैठक में यह तय हुआ है कि उन्नत संस्करण के आकाश-4 टैबलेट के उत्पादन तथा खरीद के लिए मानव संसाधन मंत्रालय और आईटी मंत्रालय जल्द फैसला लें।
बैठक में यह भी संकेत दिया गया है कि मानव संसाधन मंत्रालय से इस योजना को पूरी तरह आईटी मिनिस्ट्री के अधीन कर दिया जाए।
आकाश टैबलेट के निर्माण तथा खरीद योजना से मानव संसाधन मंत्रालय के पीछे हटने का इरादा जताने के बाद इस योजना के भविष्य पर ही ग्रहण लग गया था। आकाश टैबलेट के विकास तथा निर्माण से जुड़े आईटी (सूचना एवं तकनीकी) मंत्रालय ने इस योजना को आगे बढ़ाने पर जोर दिया था।
इसी क्रम में संचार और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री कपिल सिब्बल ने प्रधानमंत्री कार्यालय से योजना को आगे बढ़ाने के लिए दखल देने की बात कही थी।
प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव पुलक चटर्जी के साथ हुई सचिव स्तर की बैठक में उच्च शिक्षा सचिव अशोक ठाकुर से आकाश टैबलेट की अब तक की परफॉर्मेंस पर जब रिपोर्ट मांगी गई तो उन्होंने आईआईटी मुंबई से रिपोर्ट जल्द मंगाने की बात कही।
बैठक में ठाकुर यह भी सही सही नहीं बता सके कि अभी तक कितनी संख्या में आकाश टैबलेट आईआईटी मुंबई को मिल चुके हैं। उन्होंने आईआईटी मुंबई में इन दिनों अवकाश होने की बात कहकर जल्द ही सारी जानकारी पीएमओ को उपलब्ध कराने की बात कही है।
जानकारी के अनुसार पीएमओ ने आकाश योजना को आगे बढ़ाने का सुझाव देते हुए सलाह दी है कि यदि जरूरी हो तो पूरी जिम्मेदारी आईटी मंत्रालय को दी जा सकती है।
यदि भविष्य में यह फैसला लिया गया तो मानव संसाधन मंत्रालय को आकाश टैबलेट की खरीद में सब्सिडी के लिए मिली 750 करोड़ की राशि भी आईटी मंत्रालय को स्थानांतरित की जा सकती है। बैठक में आईटी सचिव जे सत्यनारायण भी मौजूद थे।