जम्मू-कश्मीर को विशेष पैकेज देने के बाद केंद्र सरकार अब हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड को खास रियायतें देने की तैयारी में जुटी है।
दोनों राज्यों को पांच साल के लिए विशेष पैकेज देने पर उद्योग मंत्रालय में सहमति बन गई है, लेकिन अभी वित्त मंत्रालय और योजना आयोग की हरी झंडी का इंतजार है।
औद्योगिक नीति एवं संवर्धन विभाग (डीआईपीपी) के वरिष्ठ अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, हिमाचल और उत्तराखंड के विशेष पैकेज का प्रस्ताव व्यय वित्त समिति (ईएफसी) की मंजूरी के लिए भेजा जा चुका है।
प्रस्ताव में दोनों राज्यों की भौगोलिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए फूड प्रोसेसिंग, डेयरी, फ्लोरीकल्चर और छोटे उद्योगों का खास रियायतें दी जाएंगी।
जिन उद्योगों को पहले पैकेज का लाभ नहीं मिल पाया है, ऐसे कई उद्योगों को भी शामिल करने की तैयारी है।
जम्मू-कश्मीर की तर्ज पर हिमाचल और उत्तराखंड में जून, 2012 के बाद शुरू हुए उद्योगों को भी विशेष पैकेज का लाभ दिया जाएगा।
जम्मू-कश्मीर के विशेष पैकेज को व्यय वित्त समिति (ईएफसी) की मंजूरी मिल गई है। इस प्रस्ताव को जल्द ही कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।
इससे पहले 2002 में जम्मू-कश्मीर को दस साल के लिए पैकेज दिया गया था। इसकी अवधि जून 2012 में समाप्त होने के बाद से राज्य को नए पैकेज का इंतजार था।
ईएफसी को भेजे प्रस्ताव के मुताबिक, हिमाचल और उत्तराखंड के उद्योगों को प्लांट व मशीनरी निवेश पर 15 फीसदी या अधिकतम 30 लाख रुपये तक की सब्सिडी मिल सकती है
इनमें छोटे व मझोले उद्योगों को खास तौर पर प्राथमिकता दी जाएगी। ऐसे उद्योगों को अधिकतम 3 करोड़ रुपये तक की सब्सिडी देने की योजना है।