निवेशकों से धन जमा कर फर्जीवाड़ा करने पर रोक लगाने के लिए सरकार कानूनी कड़ाई करने पर गंभीरता से विचार कर रही है।
इसके साथ ही बाजार नियामक बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) भी पश्चिम बंगाल में पोंजी योजनाओं के जरिये लाखों निवेशकों से ठगी का मामला सामने आने के बाद निवेशकों को फर्जी स्कीमों के जाल से बचाने के लिए कड़ी मेहनत कर रहा है, ताकि छोटे निवेशकों के बचत की राशि जोखिम में न पड़ने पाए।
सेबी के अध्यक्ष यूके सिन्हा ने कहा कि सेबी की कुछ कानूनी सीमाएं हैं और कंपनियों से संबंधित खास मुद्दों पर टिप्पणी नहीं करेंगे, क्योंकि खास मामलों में कुछ अदालती और अर्ध न्यायिक आदेश रहे हैं। इसके बावजूदसेबी अपने दायरे के भीतर रहते हुए इस दिशा में प्रयास कर रहा है।
सिन्हा विभिन्न देशों के प्रतिभूति नियामकों की अंतरराष्ट्रीय संस्था आईओएससीओ की एशिया प्रशांत क्षेत्रीय समिति के एक सेमिनार में बोल रहे थे।
सेबी पहले ही शारदा रीयल्टी इंडिया को इसकी सभी सामूहिक योजनाओं को बंद करने और तीन महीने के भीतर निवेशकों का पैसा वापस करने का आदेश जारी कर चुका है।
साथ ही उसने शारदा रीयल्टी इंडिया और इसके प्रबंध निदेशक सुदीप्त सेन को इसकी सभी सामूहिक निवेश योजनाओं के बंद होने तथा निवेशकों की पूरी राशि लौटाए जाने तक सभी प्रतिभूति बाजारों से प्रतिबंधित भी कर दिया है।