सरकार ने कहा है कि वह संकटग्रस्त नेशनल स्पॉट एक्सचेंज लिमिटेड (एनएसईएल) के हर घटनाक्रम पर नजर रखे हुए है और एक्सचेंज की समस्याओं की जांच कर रही दो समितियों की रिपोर्ट मिलने के बाद कार्रवाई करेगी।
वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने कहा कि हमने दो समितियों का गठन किया है। जैसे ही दोनों समितियों की रिपोर्ट मिलेगी, सरकार कार्रवाई करेगी।
हम इस मामले पर नजर रखे हुए हैं और सेबी व एफएमसी के साथ लगातार संपर्क में हैं। दोनों समितियां सात सितंबर को अपनी रिपोर्ट सौंपेंगी।
जिग्नेश शाह के नेतृत्व वाली एफटीआईएल द्वारा प्रोमोटेड एनएसईएल ने सरकार के निर्देश पर 31 जुलाई को अपना कारोबार रोक दिया था।
उसके बाद उसे अपने 148 सदस्यों, ब्रोकरों की कुछ 5,600 करोड़ रुपये की बकाया राशि का भुगतान करने में मुश्किल आ रही हैं।
चिदंबरम ने कहा कि एनएसईएल वायदा बाजार आयोग (एफएमसी) के अंतर्गत आता है और वह उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय से संबद्ध है। लेकिन इस मामले का व्यापक असर होगा। हमने दो समितियों का गठन किया है। उनसे 15 दिन में छह या सात सितंबर तक अपनी रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है।
इस बीच, आयकर विभाग ने भी एनएसईएल के दो दर्जन सदस्यों के कारोबारी परिसरों की जांच पड़ताल की। इसके अलावा सरकार भी कमोडिटी बाजार नियामक एफएमसी को वित्त मंत्रालय के अंतर्गत लाने के प्रस्ताव पर विचार कर रही है।