एक तरफ जहां बैंकों में कर्मचारियों की संख्या घटती जा रही है। वहीं सरकार ने अब बैंकों के द्वारा की जाने वाली एक अलग तरह की भर्ती पर रोक लगा दी है।
इंडियन एक्सप्रेस के एक खबर के मुताबिक वित्त मंत्रालय ने अपने नए आदेश में बैंकों को सख्त हिदायत दी गई है कि कॉलेजों के जरिए होने वाली बैंकिंग भर्ती को बंद किया जाए।
गौरतलब है कि देश के कई सरकारी बैंक कैंपस प्लेसमेंट के जरिए हजारों लोगों को नियुक्त करते थे। अब बैंकों के इस तरह से प्लेसमेंट करने पर रोक लगा दी गई है।
वाजिब तरीके से की जाए भर्ती
वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवाएं देने वाले विभाग की तरफ से जारी सलाह के मुताबिक किसी भी सरकारी बैंक की तरफ से डायरेक्ट कैंपस प्लेसमेंट करना कानून के मुताबिक नहीं है।
वित्त मंत्रालय का मानना है कि सरकारी बैंकों में होने वाली भर्ती सीधे इंटरव्यू के माध्यम से नहीं बल्कि इंस्टीट्यूट ऑफ बैंकिंग पसर्नल सेलेक्शन(आईबीपीएस) और अन्य माध्यामों की तरफ से आयोजित होने वाली परीक्षाओं के माध्यम से होना चाहिए।
बैंकों में स्टाफ की भारी कमी
पिछले कई सालों से निजी बैंकों की राह पर चलते हुए सरकारी बैंकों ने भी इंवेस्टमेंट बैंकिंग के लिए कैंपस प्लेसमेंट करना शुरू किया था।
मार्केटिंग और फाइनेंस क्षेत्र में करियर बनाने वाले छात्र जॉब सिक्युरिटी के चलते सरकारी बैंकों की तरफ रूख करते हैं। वित्त मंत्रालय के इस आदेश के बाद सरकारी बैंकों के सामने एक अजब सा संकट पैदा हो गया है।
बैंकों में योग्य स्टॉफ रिटायर हो चुका है। साथ ही बैंकों में कर्मचारियों की संख्या काफी कम है।