भले ही पिछले हफ्ते सोने की कीमतों को लेकर सराफा बाजार में भूचाल आया हो लेकिन केंद्र सरकार इसे अर्थव्यवस्था के लिए वरदान मान रही है।
आर्थिक सलाहकार समिति के अध्यक्ष सी रंगराजन का कहना है कि सोने की कीमत और क्रूड तेल की कीमत गिरने से चालू घाटा में कमी आएगी।
रंगराजन ने कहा कि भारत सोने और क्रूड तेल का बड़ा आयातक है। ऐसे में इन दोनों की कीमतों में कमी भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए बेहतर है।
उल्लेखनीय है कि पिछले हफ्ते सोना 25,500 रुपये प्रति दस ग्राम के स्तर तक पहुंच गया था। हालांकि बाद में इसमें सुधार देखा गया।
27 नवंबर, 2012 को सोना अब तक के उच्चतम स्तर 32,975 रुपये प्रति दस ग्राम के स्तर तक पहुंच गया था। सोना और क्रूड तेल भारत के कुल आयात का 40-45 फीसदी हिस्सा है।
वहीं योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने कहा कि सोने और क्रूड तेल के दाम में गिरावट भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए अच्छा है। अब लोग सोना के पीछे नहीं भागेंगे। अब निवेश के तौर पर वे दूसरे विकल्प को भी तलाशेंगे।