चालू खाते के बढ़ते घाटे से परेशान सरकार अब इसे रोकने के लिए सोने के आयात पर लगाम लगाने की तैयारी कर रही है। वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने बुधवार को सोने का आयात करने वालों को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि आयात में कमी नहीं आई तो सरकार के पास आयात शुल्क लगाने के अलावा कोई चारा नहीं रहेगा।
बुधवार को संवाददाता सम्मेलन में वित्त मंत्री ने कहा कि चालू खाते के घाटे में बढ़ोतरी की एक प्रमुख वजह सोने का बढ़ता आयात है। मेरी लोगों से अपील है कि वह सोने का आयात कम करें, देश में पर्याप्त सोना है। वित्त मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार आयात शुल्क बढ़ाने से देश में सोने की तस्करी भी बढ़ सकती है, जिससे सरकार के राजस्व में कर का नुकसान होगा। जिसे देखते हुए सरकार कोशिश कर रही है कि लोगों का निवेश दूसरे क्षेत्र में हो।
सरकार इसके तहत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश, विदेशी संस्थागत निवेशकों के जरिए सहित दूसरे क्षेत्रों में निवेश को बढ़ाना चाहती है। सरकार का चालू खाता घाटा जुलाई से सितंबर की अवधि में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 5.4 फीसदी तक पहुंच गया है। सरकार को इस बात की भी चिंता सता रही है कि यदि चालू खाते के घाटे पर लगाम नहीं लगाई गई तो रुपया भी डॉलर के मुकाबले कमजोर हो सकता है।
इसका असर विदेशी निवेशकों पर भी प्रतिकूल हो सकता है। सोने पर आयात शुल्क में इसके पहले पिछले साल जनवरी में मामूली बढ़ोतरी की गई थी। क्रिसिल की रिपोर्ट के अनुसार जुलाई से सितंबर की अवधि में चालू खाता घाटा 22.4 अरब डॉलर तक पहुंच गया है, जो कि पिछले साल इस अवधि में 16.6 अरब डॉलर था। रिपोर्ट के अनुसार बढ़ते घाटे की प्रमुख वजह सोने और कच्चे तेल का आयात बढ़ना और देश के निर्यात में कमी आना रहा है।