सोने और चांदी की कीमतों में जोरदार गिरावट का सिलसिला सोमवार को भी जारी रहा। सोना जहां हाजिर बाजार में 750 रुपये गिरकर 15 महीने के न्यूनतम स्तर पर 27600 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया।
वहीं चांदी में भी 2100 रुपये की भारी गिरावट दर्ज की गई। दिल्ली बाजार में चांदी की कीमत सोमवार को 48 हजार रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। हाजिर की तरह वायदा बाजार में भी सोने की कीमत 1200 रुपये तक गिर गई।
लगातार गिर रही कीमतों ने बड़े निवेशकों के साथ-साथ छोटे निवेशकों को भी भारी नुकसान पहुंचाया है। बाजार के जानकारों के अनुसार आने वाले कुछ हफ्ते कीमतों के लिहाज से काफी उथल-पुथल वाले हैं। जिसे देखते हुए अभी सोने और चांदी में निवेश से बचने की जरूरत है।
ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के अध्यक्ष एससी जैन ने अमर उजाला को बताया कि जिस तरह की अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियां हैं उसे देखते हुए सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट जारी रहने की संभावना है। विदेशी बाजारों और वायदा कारोबार में भी दोनों कीमती धातुओं का बुरा हाल था। लंदन में सोने के भाव पिछले साल मार्च के बाद के न्यूनतम स्तर पर थे।
क्यों गिर रही हैं कीमतें
सोने की कीमतों में गिरावट की बड़ी वजह विदेशी बाजार में हुए बदलाव हैं। सोमवार को विदेशी बाजार में सोने की कीमतों में 70 डॉलर प्रति औंस की कमी आई है। यूरोप के सेंट्रल बैंक के सोना बेचने के भय ने भी निवेशकों में घबराहट पैदा की है। बेल आउट पैकेज के लिए साइप्रस अपना रिजर्व सोना बेचना चाहता है।
अमेरिकी अर्थव्यवस्था में पिछले छह से सात महीने में सुधार को देखते हुए भी कीमतों में कमी आ रही है। इसके अलावा गोल्ड मैन सैक्स सहित दूसरे विश्लेषकों द्वारा सोने को बेचने की सलाह और अमेरिकी गोल्ड ईटीएफ द्वारा होल्डिंग कम करने से भी कीमतों में गिरावट आई है।
26 हजार तक जा सकता है सोना
एजेंल ब्रोकिंग के एसोसिएट डायरेक्टर नवीन माथुर के अनुसार मौजूदा रुख को देखते हुए अभी सोना 26 हजार रुपये तक जा सकता है। ऐसे में अगले एक-दो हफ्ते निवेश के लिहाज से सतर्क रहने की जरूरत है। वहीं, मुंबई ज्वैलर एसोसिएशन के उपाध्यक्ष कुमार जैन ने कीमतें 25 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम तक गिरने की संभावना जाहिर की है।
शादी के सीजन में सस्ते सोने का तोहफा
सोने और चांदी के दामों में कमी आने से ज्वैलरों के यहां मांग अचानक बढ़ गई है। शादी के सीजन में घटी कीमत के चलते लोग आभूषणों की खरीदारी में जुट गए हैं। ज्वैलरों को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में मांग और बढ़ सकती है।