दिसंबर तक सोने का भाव गिरकर 24,500 रुपये प्रति 10 ग्राम तक आ सकता है। विश्लेषकों का मानना है कि डॉलर के मुकाबले रुपये की कीमत अगर समान स्तर पर रहती है तो सोने की कीमत में गिरावट आएगी।
मोतीलाल ओसवाल में एसोसिएट वाइस प्रेसिडेंट (कमोडिटीज) किशोर नारने ने बताया कि हमें उम्मीद है कि अगर रुपये की कीमत इसी स्तर पर रही तो दिसंबर तक सोने का भाव 24,500 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर आ सकता है।
हमें लगता है कि अगले 2-3 सप्ताह सोने की कीमतों में मजबूती रहेगी, इसके बाद मध्य या दिसंबर अंत तक इसकी कीमतों में गिरावट आएगी। शनिवार को एमसीएक्स में सोने की कीमत 26,143 रुपये प्रति 10 ग्राम थी और अंतररार्ष्र्टीय बाजार में इसकी कीमत 1,173.30 डॉलर प्रति औंस थी।
नारने ने कहा कि सोने की कीमत में गिरावट का मुख्य कारण अमेरिकी अर्थव्यवस्था में सुधार है। उन्होंने कहा कि वहां की अर्थव्यवस्था सुधरने से ब्याज दरों में बढ़ोतरी होगी जिससे डॉलर में और मजबूती आएगी और सोने पर दबाव बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि साल के आखिर में अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना के 1,080 से 1,120 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर रहने की संभावना है।
कॉम्ट्रेंड्ज रिसर्च के निदेशक जी त्यागराजन की राय भी लगभग इसी तरह की है। उनका मानना है कि रुपये की कीमत अगर 61 के दायरे में रही तो दिसंबर के आखिर में सोने का भाव 25 हजार से 25,500 रुपये प्रति 10 ग्राम रह सकती है।
उनका मानना है कि सोने की कीमत में अगर और गिरावट आई तो इसके उत्पादन को कम करके कीमत को थामने की कोशिश हो सकती है।
एंजल ब्रोकिंग के एसोसिएट डायरेक्टर (कमोडिटीज) नवीन माथुर का मानना है कि अमेरिका में अर्थव्यवस्था सुधरने से ब्याज दरें बढ़ने की संभावना, कच्चे तेल में मंदा, मजबूत डॉलर के बीच सोने की कीमत पर दबाव रहेगा। एजेंसी