रेडी टू ईट श्रेणी में अपने उत्पादों की पहुंच बढ़ाने के लिए गोदरेज टॉयसन फूड्स लिमिटेड देश के 100 शहरों में मार्केटिंग की योजना बनाई है। कंपनी अपने मार्केटिंग तंत्र को मजबूत करने के लिए अगले दो साल में 8-10 करोड़ रुपये का भी निवेश करने जा रही है।
गोदरेज टायसन ने अगले दो साल तक अपने कारोबार में 26 फीसदी की बढ़ोतरी की लक्ष्य रखा है। भारत में रेडी टू ईट (फ्रोजन उत्पाद को मिलाकर) का बाजार 30 करोड़ डॉलर का है और इस कारोबार में सालाना 15-20 फीसदी तक का इजाफा हो रहा है।
गोदरेज टॉयसन फूड्स लिमिटेड के सीओओ अरबिंद दास ने बताया कि अमेरिकी कंपनी टायसन फूड इंक के साथ मिलकर संयुक्त रूप से छह साल पहले गोदरेज टायसन फूड्स लिमिटेड की शुरुआत की गई और पिछले चार-पांच साल से कंपनी कारोबार की विकास दर 30-32 फीसदी के आसपास चल रही है। गोदरेज टॉयसन में गोदरेज की हिस्सेदारी 49 फीसदी है, वहीं टायसन फूड की हिस्सेदारी 51 फीसदी।
उन्होंने बताया कि चिकन से जुड़े हर आइटम को कंपनी हर स्तर पर खुद तैयार करती है। चिकन को पालने से लेकर उसका खाद्य उत्पाद तैयार करने तक। उन्होंने बताया कि यही वजह है कि कंपनी अन्य रेडी टू ईट कंपनी के मुकाबले कम लागत पर गुणवत्ता वाले उत्पाद को बाजार में ला रही है। बैक एंड सपोर्ट यानी कि कोल्ड चेन जैसी सुविधाओं के लिए गोदरेज टॉयसन ने स्नोमैन के साथ समझौता किया है।
हाल ही में गोदरेज टायसन ने अपने उत्पाद श्रेणी में यमी के चिकन नगेट और वेज श्रेणी में मुंबई वडा को जोड़ा है। दास ने बताया कि फ्रोजेन चिकन रेडी टू ईट उत्पाद को तीन दिनों तक रखा जा सकता है वहीं यमी रेडी टू ईट को नौ महीने तक रखा जा सकता है।
उन्होंने बताया कि भारत में 34 फीसदी लोग वेज हैं, तो 66 फीसदी लोग नॉन वेज। इसलिए कंपनी ने दोनों तरह के उत्पाद को शामिल किया है। दास ने बताया कि उनके उत्पादों की मांग सबसे अधिक टियर-2 शहरों में हो रही है। कंपनी ने अपने उत्पाद को बेचने के लिए कई बड़े संगठित रिटेलरों से भी के साथ भी करार किया है।