ग्राहकों को गलत जानकारी के जरिए लुभावने वित्तीय उत्पाद बेचने (मिस-सेलिंग) पर लगाम लगाने की तैयारी है। इस संबंध में भारतीय रिजर्व बैंक जल्द ही नए दिशा-निर्देश बैंकों के लिए जारी कर सकता है।
रिजर्व बैंक ने अपनी ड्रॉफ्ट गाइड लाइन में कहा है कि कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जिसमें यह साबित हुआ है कि बैंक उत्पादों को बेचने में लापरवाही कर रहे हैं।
इसे देखते हुए आरबीआई ने अपनी ड्रॉफ्ट गाइडलाइन में कहा है कि बैंकों को केवल वित्तीय उत्पाद की मार्केटिंग और बिक्री करनी चाहिए।
इसके अलावा वेल्थ मैनेजमेंट सेवाओं के तहत सेल्स, एडवाइजरी को अलग विभाग के रूप में रखना चाहिए। वेल्थ मैनेजमेंट सेवाएं देने वाले कर्मचारियों को प्रशिक्षित और क्वालीफाइड होना चाहिए।
ड्रॉफ्ट गाइडलाइन से यह साफ है कि आरबीआई आने वाले दिनों में नए नियमों में मिस-सेलिंग रोकने के लिए कड़े कदम उठाने की तैयारी कर रहा है। ड्रॉफ्ट गाइडलाइन पर आरबीआई ने 31 जुलाई तक सुझाव मांगे हैं।