बैंकों में निष्क्रिय खातों में जमा रकम के हकदारों की मदद के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने सोमवार को बैंकों को ऐसे खाताधारकों का नाम वेबसाइट पर प्रमुखता से प्रदर्शित करने का निर्देश दिया है। इसके अलावा बैंकों से ‘फाइंड’ का विकल्प भी देने को कहा गया है, जिससे खाताधारक आसानी से अपना नाम ढूंढ कर जानकारी हासिल कर सके।
रिजर्व बैंक की ओर से जारी अधिसूचना में कहा गया है कि बैंकों को यह काम 31 मार्च तक पूरा कर लेना चाहिए और अपनी वेबसाइट को नियमित अंतराल पर अपडेट करना चाहिए।
शीर्ष बैंक ने कहा है कि जनहित को ध्यान में रखते हुए यह फैसला किया गया है कि बैंकों को निष्क्रिय खातों के धारकों का पता लगाने में अधिक सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। ऐसे में बैंकों को सलाह दी जाती है कि वे 10 वर्ष या इससे अधिक समय से अनक्लेम्ड जमाओं या निष्क्रिय खातों की सूची अपनी वेबसाइट पर प्रदर्शित करें।
सरकार के आकलन के मुताबिक 31 दिसंबर, 2013 तक बैंकों में 5,124 करोड़ रुपये रुपया पड़ा है, जिस पर खाताधारकों ने दावा नहीं किया है।
आरबीआई ने यह भी कहा है कि बैंक ‘फाइंड’ का विकल्प भी मुहैया कराएं, जिससे लोग खाताधारक के नाम से खातों की सूची सर्च कर सकें। इससे पहले के आरबीीआई के निर्देश में कहा गया था कि बैंकों को निष्क्रिय खाते के मामलों में ग्राहकों को खोजने के लिए विशेष प्रयास करने चाहिए।