यदि आप जमाओं के जरिए ज्यादा ब्याज पाना चाहते हैं, तो यह निवेश का बेहतर समय है। देश के अधिकतर बैंक नकदी की कमी को पूरा करने के लिए एक साल तक की जमाओं पर 9.0 फीसदी तक ब्याज दे रहे हैं।
हालांकि, फिक्सड डिपॉजिट (एफडी) पर ऊंची ब्याज दरें देने का ऑफर ग्राहकों के लिए ज्यादा दिनों तक नहीं रहने वाला है। बैंकर्स के अनुसार अप्रैल में नया वित्त वर्ष शुरू होने और आरबीआई द्वारा प्रमुख दरों में कमी करने की संभावना को देखते हुए जमा दरों में कमी आनी शुरू हो जाएगी।
भारतीय स्टेट बैंक के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार मार्च के महीने में अग्रिम कर भुगतान होने की वजह से बैंकिंग प्रणाली में नकदी की कमी आ गई है। जिसे देखते हुए अभी बैंक कम अवधि पर भी पूंजी जुटाने के लिए ज्यादा ब्याज दे रहे हैं।
स्टेट बैंक इस समय 15 लाख रुपये से कम की जमाओं पर एक साल से कम की जमाओं पर 6.5 फीसदी और एक साल से ज्यादा की जमाओं पर 8.75 फीसदी ब्याज दे रहा है।
ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक एसएल बंसल के अनुसार बैंकों के सामने इस समय नकदी जुटाना एक प्रमुख चुनौती है। ऐसे में जमा दरें बैंक तुरंत कम नहीं करेंगे।
अप्रैल में रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति आने के बाद उस समय की परिस्थितियों पर जमा दरों में कमी आने की संभावना निर्भर करेगी।
बैंक ऑफ इंडिया के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जमा दरें अभी ऊंची रहेंगी। खास तौर से बैंक कम अवधि की जमाओं पर ज्यादा ब्याज देकर ग्राहकों को आकर्षित कर रहे हैं।
पूंजी जुटाने के लिए यह एक बेहतर विकल्प है। जमा दरों में कमी की गुंजाइश अप्रैल के अंत तक ही आ सकती है।