प्रदेश के दुग्ध उत्पादकों को अच्छी नस्ल के पशु खरीदने के लिए ब्याज रहित ऋण मिलेगा। मुख्य सचिव ने अधिकारियों से इसके लिए 15 दिन में कार्ययोजना बनाकर प्रस्तुत करने को कहा है। पशुपालन में रुचि रखने वाले और पूर्व से ही पशुपालन कार्य से जुड़े पशुपालकों को इसमें वरीयता मिलेगी। पशुपालकों के पास कम से कम दो एकड़ भूमि जरूर होनी चाहिए।
मुख्य सचिव जावेद उस्मानी ने ये निर्देश शास्त्री भवन में मुख्यमंत्री द्वारा घोषित कामधेनु डेयरी की स्थापना के संबंध में आयोजित बैठक में दिए। उन्होंने अफसरों से कहा कि ब्याजमुक्त ऋण योजना के अंतर्गत कामधेनु डेयरी की स्थापना की जा सकेगी।
उन्होंने निर्देशित किया कि प्रदेश में उच्च उत्पादक क्षमता के गोवंशीय और महिषवंशीय नर व मादा पशुओं की संख्या बढ़ाने और दुग्ध उत्पादन क्षमता में बढ़ोतरी के लिहाज से यह योजना बनाई जाए। चयनित अभ्यर्थियों को पशुपालन विभाग उन्नत पशुपालन तकनीक का प्रशिक्षण उपलब्ध कराएगा। उस्मानी ने कहा कि ऐसी इकाइयों को उत्कृष्ट केंद्र (सेंटर ऑफ एक्सीलेंस) के रूप में विकसित कराने के साथ-साथ रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।