सूबे के किसान अब फल और सब्जियां सरकार द्वारा अधिकृत कोल्ड स्टोर में रखकर बैंकों से खेती-किसानी के लिए कर्ज ले सकेंगे। किसानों को यह सुविधा सरकार द्वारा लागू की जा रही नई खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति के तहत उपलब्ध होगी। सरकार ने फल और सब्जियों की खेती को बढ़ावा देने व भंडारण क्षमता बढ़ाने के लिए उद्यमियों से भी सहयोग लेगी। वेयर हाउस स्टोरेज सिस्टम लागू होगा।
किसान को आलू, प्याज, टमाटर, लहसुन से लेकर सेव, अंगूर के अलावा आम और लीची जैसे फल भी गोदामों में रख सकेंगे। फल सब्जियां रखने पर किसानों रसीद मिलेगी। रसीद पर दर्ज फल-सब्जियों की कीमत के बदले किसानों को बैंक से 75 फीसदी तक कर्ज देंगे। ये व्यवस्था शुरू होने के बाद किसानों को अपना फल तत्काल पैसे की जरूरत के लिए औने-पौने दाम पर नहीं बेचना पड़ेगा।
उद्यमियों को कोल्ड स्टोर बनाने पर सरकार सब्सिडी भी मुहैया कराएगी। यही नहीं अन्य सहूलियतें दी भी जाएंगी। उन्हें बैंकों से आसान शर्तों पर कर्ज भी दिलाया जाएगा। सरकार क्षेत्र विशेषवार उद्यमियों के कोल्ड स्टोर में सालों भर फल और सब्जियां चक्रवार रखने की सुविधा किसानों को उपलब्ध होगी।
किसान और उद्यमियों को यह सुविधा भारत सरकार के वेयरहाउस (विकास एवं विनियमन) नीति के तहत चिह्नित मान्यता प्राप्त एजेंसी रसीद मुहैया कराने का काम करेगी। किसानों एवं कोल्ड स्टोर संचालकों यह सुविधा मुहैया कराने के लिए उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग के सचिव डॉ. रजनीश दुबे ने शासनादेश जारी कर दिया है। इसके तहत किसी भी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक से कोल्ड स्टोर में रखे गए फल और सब्जियों के बदले किसान कर्ज ले सकते हैं।