रसोई गैस का वितरण करने वाली सरकारी तेल वितरण कंपनियों का रसोई गैस के (14.2 कलो) सिलेंडरों की ढुलाई दर बढ़ाने का प्रस्ताव सरकार ने खारिज कर दिया है।
इन कंपनियों का कहना है कि अभी जो दर मिल रहा है, वह वर्ष 2002 में निर्धारित किया गया था और तब से अब तक खर्च काफी बढ़ गया है। इसलिए दरों में समीक्षा हो।
इंडियन ऑयल, हिन्दुस्तान पेट्रोलियम और भारत पेट्रोलियम का रसोई गैस के क्षेत्र में भी कारोबार है। ये कंपनियां वाणिज्यिक सिलेंडर बेचने के साथ साथ 14.2 किलो वजन वाले वैसे सिलेंडर भी बेचती है जिस पर सरकार सब्सिडी देती है।
इसकी ढुलाई में खर्च होने वाली राशि में कुछ की भरपायी सरकार की तरफ से होती है। इसका प्रावधान पीडीएस केरोसीन एवं घरेलू रसोई गैस सब्सिडी योजना 2002 में है।
इसी के तरह सरकार ने वर्ष 2202 में ही प्रति सिलेंडर 22.58 रुपये की भरपायी करने का प्रावधान किया था जो अभी तक चल रहा है। तेल कंपनियों ने सरकार से इसमें समीक्षा का प्रस्ताव भेजा था।