ग्लोबल रेटिंग एजेंसी मूडीज ने चेतावनी दी है कि खाद्य महंगाई का ऊंचा स्तर देश की क्रेडिट रेटिंग पर नकारात्मक असर डाल सकता है।
एजेंसी के मुताबिक इससे सरकार पर वित्तीय दबाव बढ़ सकता है और भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की मौद्रिक नीति पर भी इसका असर दिखाई दे सकता है। मूडीज की इनवेस्टर सर्विस की ओर से जारी क्रेडिट आउटलुक रिपोर्ट में कहा है कि खाद्य महंगाई का जारी रहना भारत के आर्थिक परिदृश्य के लिए नकारात्मक (क्रेडिट निगेटिव) लक्षण है।
इससे देश की आर्थिक विकास दर में धीमापन बना रह सकता है और चालू खाते व वित्तीय घाटे का दबाव भी बढ़ सकता है। हालांकि रेटिंग एजेंसी फिच और स्टेंडर्ड एंड पूअर द्वारा भारत का क्रेडिट आउटलुक ‘स्थिर’ से घटाकर ‘नकारात्मक’ किए जाने के बावजूद मूडीज ने भारत के लिए अपना आउटलुक ‘स्थिर’ बनाए रखा है।