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दिखने से पहले ही बिक गए फ्लिपकार्ट पर सबसे सस्ते सामान

Tue, 07 Oct 2014 01:53 PM IST
अजीत सिंह/नई दिल्ली
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खरीदारों के दिल में तेजी से जगह बना रहे ऑनलाइन रिटेल के लिए सोमवार का दिन बेहद खास रहा। कुछ साल पहले किताबों की बिक्री से ई-कॉमर्स बाजार में दस्तक देने वाली फ्लिपकार्ट.कॉम ने सुबह 8 बजे से बिग बिलियन डे के तहत शॉपिंग फेस्टिवल का आगाज किया तो देश के तमाम छोटे-बड़े शॉपिंग पोर्टल भी सबसे ज्यादा डिस्काउंट देने की होड़ में कूद पड़े।
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इस साल त्योहारी खरीदारी का रुख शोरूम के बजाय कंप्यूटर व मोबाइल की स्क्रीन की ओर किस तरह मुड़ चुका है, इसका अंदाजा स्नैपडील के हर सेकेंड 10 ऑर्डर मिलने से लगाया जा सकता है।

ऑनलाइन शॉपिंग की ओर खरीदारों का बढ़ता रुझान परंपरागत दुकानदारों के लिए बड़ी चुनौती बनकर आ रहा है। जिससे निपटने के लिए फ्लिपकार्ट जैसे पोर्टल के ऑफर्स के पोल-खोलने का अभियान भी शुरू हो चुका है।
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देश के खुदरा बाजार पर कब्जे की होड़ का मैदान बने इंटरनेट के जरिए ऑनलाइन पोर्टलों के डिस्काउंट ऑफर की पोल खोलने वाली कंपेयर हटके जैसे कई ऐप भी सक्रिय हैं।

ऑर्डर करने से पहले ही ऑफर खत्म

बड़ी धूमधाम से शुरू हुई फ्लिपकार्ट की बिग बिलियन सेल में कई लोगों को निराशा भी हाथ लगी। नोएडा के आईटी प्रोफेशनल प्रदीप कुमार बताते हैं कि 1,390 रुपये में सैमसंग गैलेक्सी टैब2 खरीदने के लिए उन्होंने फ्लिपकार्ट पर बहुत देर तक जद्दोजहद की लेकिन न तो यह प्रोडक्ट दिखा और न ही यह ऑफर।

कभी ऑफर ऐसे थे जो देखते ही देखते सोल्ड आउट (बिक चुके) हो गए। जिन आकर्षक ऑफर का ई-कॉमर्स कंपनियां कई दिनों से प्रचार कर रही थीं, उन्हें हासिल करना आसान नहीं है।

आकर्षक ऑफर और डिस्काउंट के अलावा ई-कॉमर्स कंपनियां प्रचार के मोर्चे पर भी कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती हैं। फ्लिपकार्ट की शुरुआत जिस 610 नंबर के फ्लैट में हुई थी, उसकी याद में 6 अक्तूबर को शुरू हुई बिग बिलियन सेल को स्नैपडील और अमेजॉन ने अपने अंदाज में चुनौती दी थी।

स्नैपडील का दावा है कि उनके लिए हर दिन खास है और हर समय पोर्टल पर लुभावने ऑफर मिलते रहते हैं।

कीमतें बढ़ाकर डिस्काउंट देने के आरोप

लुभावने ऑफर हाथ न लगने से गुस्साए लोगों ने सोशल मीडिया के जरिए डिस्काउंट ऑफर की पोल खोलनी शुरू कर दी है। ट्विटर और फेसबुक पर दिन भर कई लोग ऑनलाइन रिटेलरों के दावों की असलियत और अपने कटु अनुभव उजागर करते रहे।

कई लोगों का मानना है कि फ्लैश सेल, फेस्टिवल ऑफर आदि के नाम पर जितने भारी डिस्काउंट देने का दावा किया जा रहा है, असलियत उससे काफी अलग है। मिशन शेयरिंग नॉलेज डॉट कॉम नाम की एक वेबसाइट पर फ्लिपकार्ट द्वारा बिग बिलियन सेल के लिए कई प्रोडक्ट के दाम बढ़ाने का आरोप लगाया गया है।

सस्ते में खरीदारी करने के लिए सोमवार पर फ्लिपकार्ट पर इतनी भीड़ उमड़ी कि कुछ समय के लिए कंपनी की वेबसाइट ही ठप हो गई। हालांकि, जल्द ही वेबसाइट चलने लगी।

लेकिन जिन ऑफर्स को जोर-शोर से प्रचारित किया जा रहा था, ऐसे कई ऑफर गायब होने से खरीदारों को भारी निराशा हुई। निराश खरीदार फेसबुक और ट्विटर पर जमकर अपनी भड़ास निकाल रहे हैं।
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मेगा ऑनलाइन सेल की खास बातें

- फ्लिपकार्ट को 10 घंटे में 100 मिलियन डॉलर (करीब 600 करोड़ रुपये) के ऑर्डर
- एक रुपये में पेन ड्राइव खोजते रह गए खरीदार
- स्नैपडील को हर सेकेंड 10 ऑर्डर
- अमेजॉन ने तैयार किया बिगबिलियनडे डोमेन
- ट्विटर पर निकाली खीझ, फ्लॉपकार्ट और फेककार्ट की गूंज

ट्रेडर्स ने लगाई सीतारमण से गुहार
ई-कॉमर्स कंपनियों की ओर से दिए जा रहे भारी डिस्काउंट के खिलाफ खुदरा व्यापारियों ने वाणिज्य मंत्री निर्मला सीतारमण से गुहार लगाई है।

कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स ने वाणिज्य मंत्री को लिखे पत्र में ई-कॉमर्स कंपनियों पर 20-70 फीसदी डिस्काउंट देकर बाजार को बिगाड़ने का आरोप लगाया है।

इससे बाजार के दुकानदार भी अपने सामान भारी छूट के साथ बेचने पर मजबूर हो रहे हैं। अब कंपनियां ऑनलाइन पोर्टल पर भी प्रोडक्ट लांच कर रही हैं। खुदरा व्यापारियों ने इस मामले में सरकार से तुरंत हस्तक्षेप की मांग की है।
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