अंतरराष्ट्रीय साख निर्धारण संस्था फिच ने चेताया है कि 2014 के आम चुनाव को देखते हुए नीतिगत स्तर पर ढीला रवैया और विकास दर में लगातार गिरावट का रुझान भारत की क्रेडिट रेटिंग ‘निवेश के स्तर’ से भी नीचे ला सकता है। फिच ने चालू वित्तवर्ष के लिए भारत की जीडीपी की वृद्धि दर का अनुमान 6 फीसदी लगाया है।
फिच के मुताबिक, नीतिगत कमजोरी और विकास दर में लगातार गिरावट के रुझान के चलते भारत की साख घट सकती है। कमजोर आर्थिक आंकड़ों से आगे भी विकास दर में गिरावट के मिल रहे पुख्ता संकेत रेटिंग को कमजोर कर सकते हैं। फिच ने कहा है कि 2014 के आम चुनाव को ध्यान में रखते हुए सरकार की ओर से आर्थिक नीतियों में ढीलापन भविष्य में भारत की आर्थिक स्थिति कमजोर कर सकती है और इसका दबाव रेटिंग पर पड़ेगा।
एजेंसी के मुताबिक, विकास दर को प्रोत्साहन देने वाले हाल के सुधारात्मक प्रस्तावों पर कार्य करने की जरूरत है और राजनीतिक जोखिम उठाते हुए भी इन्हें लागू किया जाना चाहिए।