हाल में सामने आए भ्रष्टाचार के मामलों को देखते हुए वित्त मंत्रालय सरकारी बैंकों के सीएमडी पद का विभाजन करने पर गंभीरता से विचार कर रहा है। मंत्रालय का कहना है कि कॉरपोरेट गवर्नेंस को मजबूत करने के लिए यह एक प्रभावी कदम होगा।
वित्तीय सेवाएं सचिव जीएस संधू ने कहा कि चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर (सीएमडी) पद के विभाजन प्रस्ताव पर हम विचार कर रहे हैं। पिछले सप्ताह वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा था कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में प्रबंधन को पेशेवर बनाने और जोखिम प्रबंधन प्रणाली को मजबूत बनाने में उनकी मदद करने की दिशा में सरकार कदम उठा रही है।
जेटली ने कहा था कि बैंकों के प्रबंधन को पेशेवर बनाने के संबंध में हमने कुछ फैसले किए हैं। हमें उम्मीद है कि बैंक बेहतर जोखिम प्रबंधन करने में सक्षम हो सकेंगे। वित्तीय सेवाएं विभाग इस दिशा में गंभीरता से कार्य कर रहा है।
गौरतलब है कि इस माह के शुरू में भूषण स्टील और प्रकाश इंडस्ट्रीज को कर्ज की सीमा बढ़ाने के लिए 50 लाख रुपये की घूस लेने के आरोप में सिंडिकेट बैंक के सीएमडी एसके जैन को गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा, ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स और देना बैंक के कुछ अधिकारियों पर अपने फिक्स्ड डिपाजिट ग्राहकों के 436 करोड़ रुपये के फंड का बेजा इस्तेमाल का संदेह है।