सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की हालत सुधारने और प्रबंधन को चुस्त-दुरुस्त करने के लिए सरकार इनकी कमान निजी बैंकिंग क्षेत्र के दिग्गजों को सौंप सकती है। बैंकरों के दो दिवसीय सम्मेलन ‘ज्ञान संगम’ में भाग लेने आए वित्त मंत्रालय के एक आला अधिकारी ने इस बात के संकेत दिए हैं।
अधिकारी ने बताया कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के चेयरमैन, प्रबंध निदेशक (एमडी) व मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) जैसे पदों पर नियुक्ति के लिए सरकार निजी क्षेत्र के पेशेवरों को भी उम्मीदवारी का मौका दे सकती है। उन्होंने बताया कि चेयरमैन और एमडी व सीईओ का चयन करने वाली सर्चिंग कमेटी इन पदों के लिए दिए जाने वाले वेतन पैकेज में बढ़ोतरी की मंजूरी दे देती है, तो निजी क्षेत्र के दिग्गजों को इन पदों पर नियुक्त करने की ओर कदम बढ़ाया जा सकता है। हालांकि यह बदलाव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट स्तरीय नियुक्ति समिति (एसीसी) की ओर से मंजूरी मिल जाने के बाद ही संभव होगा।
गौरतलब है कि सरकारी बैंकों की दशा सुधारने के लिए केंद्र सरकार ने प्रबंधकीय सुधार की ओर कदम बढ़ाते हुए बीते सप्ताह ही पीएसयू बैंकों के चेयरमैन और एमडी-सीईओ के पदों को अलग-अलग कर दिया है।
इससे पहले भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) भी सरकारी बैंकों के नियमन और प्रबंधन के संबंध में अपनी एक रिपोर्ट में यह बात कह चुका है कि सरकारी बैंकों के चेयरमैनों की नियुक्ति विशेषज्ञों के एक स्वतंत्र पैनल द्वारा ग्लोबल स्तर पर इसके लिए विज्ञापन निकाल कर की जानी चाहिए। आरबीआई ने इन्हें अन्य सेक्टरों में इस स्तर पर दिया जा रहा वेतनमान देने की बात भी कही थी। क्योंकि मौजूदा वेतनमान पर निजी क्षेत्र में इस काम कर रहे प्रोफेशनल द्वारा सरकारी बैंक के लिए आवेदन करने की संभावना कम ही दिखती है।