देश में कई तरह के आयरन पाइप और ट्यूब बनाने वाली कंपनियों को राहत देते हुए केंद्र सरकार ने इन पर सेफगार्ड ड्यूटी लगाने का फैसला किया है। तेल के खनन और बिजली उत्पादन में इस्तेमाल होने वाले पाइप और ट्यूब के सस्ते आयात से घरेलू उद्योग को बचाने के लिए इस तरह की ड्यूटी लगाई जाती है।
केंद्रीय उत्पाद एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीईसी) की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, सीमलैस पाइप और ट्यूब्स पर १३ अगस्त से लागू होने वाली सेफगार्ड ड्यूटी पहले साल २० फीसदी रहेगी जबकि दूसरे और तीसरे साल १० व ५ फीसदी की दर से ड्यूटी लगाई जाएगी। इंडोनेशिया, मलेशिया, थाईलैंड और दक्षिण अफ्रीका जैसे विकासशील देशों को सेफगार्ड ड्यूटी के दायरे से बाहर रखा गया है। खासतौर पर चीन के सस्ते आयात से घरेलू उद्योग को हो नुकसान के मद्देनजर यह फैसला लिया गया है। गौरतलब है कि इस तरह के पाइप और ट्यूब्स का ज्यादातर इस्तेमाल ओएनजीसी, भेल, इंडियन ऑयल जैसी पीएसयू करती हैं। हालांकि, सेफगार्ड ड्यूटी लगने से घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को मदद मिलेगी लेकिन भेल व ओएनजीसी जैसे सरकारी पीएसयू का आयात खर्च बढ़ सकता है।