कर्ज की रफ्तार में तेजी लाने और गैर निष्पादित संपत्तियों में कमी लाने सहित दूसरे प्रमुख मुद्दों पर वित्त मंत्री पी चिदंबरम सार्वजनिक क्षेत्रों के प्रमुख के साथ एक बार फिर बैठक करेंगे। वित्त मंत्री का अगस्त में पदभार ग्रहण करने के बाद दूसरी बार बैंक प्रमुख के साथ बैठक करेंगे।
पहली बैठक में वित्त मंत्री ने प्रमुख रुप से रिटेल लोन में तेजी लाने और एनपीए में कमी लाने पर जोर दिया था। चिदंबरम 15 नवंबर को यह बैठक करेंगे। भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा 30 अक्टूबर को पेश की गई मौद्रिक नीति के बाद यह वित्त मंत्री की पहली बैठक बैंकर्स के साथ है। मौद्रिक नीति में प्रमुख दरों में कटौती न करने से नाखुश वित्त मंत्री इस बैठक में बैंकर्स से ब्याज दरों में कटौती करने आदि की बात कह सकते है।
हालांकि मौद्रिक नीति में कॉरपोरेट डेट रिस्ट्रक्चरिंग पर प्रोविजिनिंग की सीमा में 0.75 फीसदी की बढ़ोतरी के बाद किसी भी बैंक ने ब्याज दरों में कमी नहीं की है, जबकि इसके पहले पेश आरबीआई द्वारा सीआरआर में कटौती करने पर एसबीआई सहित प्रमुख बैंकों ने ब्याज दरों में कमी कर दी थी। वित्त मंत्री इसके अलावा बैंकर्स के साथ गैर निष्पादित संपत्तियों में बढ़ोतरी, नई मौद्रिक नीति के जरिए बैंकिंग इंडस्ट्री के लिए किए गए दूसरे प्रावधानों के संबंध में भी चर्चा करेंगे।