सरकार ने बीमे से संबंधित कई कारोबारी गतिविधियों में संस्थागत विदेशी निवेशकों (एफआईआई) और प्रवासी भारतीयों (एनआरआई) को 26 फीसदी तक निवेश करने की इजाजत दे दी है।
इसके तहत एफआईआई और एनआरआई अब इंश्योरेंसे ब्रोकिंग, थर्ड पार्टी एडमिनिस्ट्रेशन और बीमा सबंधी सर्वे के क्षेत्र में 26 फीसदी निवेश कर सकेंगे।
औद्योगिक नीति एवं संवर्धन विभाग (डीआईपीपी) के मुताबिक बीमा कंपनी के मामले में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई), एफआईआई और एनआरआई निवेश मिलाकर 26 फीसदी विदेशी निवेश की सीमा लागू होगी।
सरकार की ओर से यह कदम बीमा क्षेत्र में एफडीआई की सीमा 26 से बढ़ाकर 49 फीसदी करने की मांग को देखते हुए उठाया गया है।
अबतक बीमा क्षेत्र में ऑटोमेटिक रूट के तहत केवल एफडीआई के जरिए ही 26 फीसदी तक विदेशी निवेश की इजाजत थी।
बीमा क्षेत्र में एफडीआई की सीमा बढ़ाने संबंधी बीमा विधेयक 2008 से लंबित पड़ा है।
संसद के मौजूदा सत्र, जोकि यूपीए सरकार का आखिरी सत्र होगा, में भी इसे मंजूरी मिलने की उम्मीद न के ही बराबर है।