रीयल्टी मार्केट में सुधार के बावजूद खरीदारों के सतर्कता भरे रवैये के चलते इस साल का त्योहारी सीजन इंडस्ट्री के लिए उत्साहजनक नहीं रहा। इंडस्ट्री के विशेषज्ञों का कहना है कि त्योहारी सीजन रीयल्टी क्षेत्र के लिए बहुत महत्वपूर्ण समय होता है, क्योंकि इस समय बिक्री शीर्ष स्तर पर होती है, जो सामान्य दिनों से करीब 20 से 25 फीसदी अधिक रहती है।
इंडियाप्रॉपर्टीडॉटकाम के मुख्य कार्यकारी गणेश वासुदेवन ने बताया कि डेवलपर्स के मुफ्त उपहार एवं अन्य पेशकशों के चलते खासकर त्योहारी सीजन के दौरान रीयल्टी कंपनियों की बिक्री हमेशा बढ़ी है। हालांकि, बाजार में रिकवरी के बावजूद इस साल के त्योहारी सीजन में बिक्री में कोई सुधार नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि पिछली कुछ तिमाहियों की तुलना में हालांकि प्रॉपर्टी की मांग बढ़ी है। इस संबंध में जो पूछताछ हुई है उससे इसका पता चलता है। लेकिन वह वास्तविक सौदे में तब्दील नहीं हो पा रहा क्योंकि खरीदारों ने ‘वेट एंड वॉच’ की नीति अपनाई है।
जॉन्स लैंग लासेल इंडिया के चेयरमैन एवं कंट्री हेड अनुज पुरी का कहना है कि यद्यपि इंडस्ट्री का सेंटीमेंट सुधरा है, जिन पहलों से ऐसा हुआ है, मसलन केंद्र में नई सरकार और रीयल्टी का बढ़ावा देने वाली नीतियां, उनका असर बाजार पर दिखने में अभी और वक्त लगेगा। जैसेकि भारतीय रिजर्व बैंक ने मुद्रास्फीति पर नियंत्रण के लिए मुख्य दरों को स्थिर रखा हुआ है। पुरी ने कहा कि लेकिन अभी बाजार को अच्छी खासी गति पकड़ने में और कई महीने लगेंगे। हालांकि, इस त्योहारी सीजन के दौरान इस क्षेत्र ने वैसी गति नहीं पकड़ी जिसकी उम्मीद थी।
समृद्धि रीयल्टी के मुख्य कार्यकारी मधुसूदन के. का कहना है कि त्योहारी सीजन के दौरान आमतौर पर डेवलपर्स नए प्रोजेक्ट लांच करते हैं। साथ ही साथ खरीदारों को आकर्षित करने के लिए कई तरह के ऑफर भी देते हैं। हालांकि, पिछले कुछ तिमाहियों से नई लांचिंग की रफ्तार कम है क्योंकि बना बिके प्रोजेक्ट का स्टॉक भारी संख्या में है। डेवलपर्स फिलहाल अपना स्टॉक निकालने पर जोर दे रहे हैं और इसके लिए वह छूट व प्रोत्साहन दे रहे हैं।