देश में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) का प्रवाह लगातार दूसरे महीने दिसंबर 2012 में करीब 19 फीसदी गिरकर 1.10 अरब डॉलर रह गया। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के चलते एफडीआई प्रवाह में कमी आई है। दिसंबर 2011 में देश में 1.35 अरब डॉलर का एफडीआई प्रवाह हुआ था।
औद्योगिक नीति एवं संवर्धन विभाग (डीआईपीपी) की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक चालू वित्तवर्ष की अप्रैल-दिसंबर अवधि के दौरान एफडीआई की आवक करीब 42 फीसदी घटकर 16.94 अरब रुपये रह गई। विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक अर्थव्यवस्था में व्याप्त अनिश्चितता के चलते देश में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के प्रवाह में भारी गिरावट आई है। विभाग के एक अधिकारी का कहना है कि सरकार की ओर से कई सेक्टरों में एफडीआई नीतियों को उदार किया गया है। इससे आने वाले दिनों में विदेशी निवेश के बढ़ने की उम्मीद है।