प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के अध्यक्ष सी रंगराजन ने कहा है कि ईंधन सब्सिडी में कटौती और मल्टी ब्रांड रिटेल कारोबार में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) की अनुमति जैसे आर्थिक सुधारों से देश में निवेश का माहौल सुधरा है। इससे देश के आर्थिक विकास का मार्ग प्रशस्त होगा।
डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी पर रंगराजन ने कहा कि इससे राजकोषीय घाटे को कम करने में मदद मिलेगी। ऐसा करके सरकार ने यह स्पष्ट संकेत दिया है कि तमाम विरोधों के बावजूद वह ऐसे आर्थिक सुधारों को सख्ती से लागू करने के लिए वचनबद्ध है, जिससे निवेशकों और कारोबारियों का मनोबल मजबूत हो सके।
रंगराजन ने बीमा और पेंशन क्षेत्र के दरवाजे एएफडीआई के लिए खोलने की सरकारी नीति को सही ठहराते हुए कहा कि इसका असर धीरे धीरे दिखाई पडे़गा। किसी भी चीज का असर आने में वक्त लगता है। वैसे भी सरकार को इसके लिए संसद की मंजूरी लेनी होगी, लेकिन इस बारे में ठोस फैसला लेकर सरकार ने यह साफ कर दिया है कि आर्थिक सुधारों के लिए वह कितनी गंभीर है।
मौजूदा वित्त वर्ष के आर्थिक विकास के पूर्वानुमान पर रंगराजन ने कहा कि यह 6 से 6.5 प्रतिशत के बीच रहेगी। उन्होंने भरोसा जताया कि वित्त मंत्री पी चिंदबरम राजस्व और व्यय के बीच बेहतर संतुलन स्थापित करके राजकोषीय घाटे को बजट में तय लक्ष्य 5.1 प्रतिशत के करीब तक लाने में कामयाब रहेंगे।
ऊर्जा और कोयला क्षेत्र में उत्पादन बढ़ाने पर विशेष ध्यान देना होगा। भारतीय रिजर्व बैंक की आगामी नीतिगत समीक्षा को लेकर उनका कहना था कि आरबीआई नीतिगत दरों में कोई भी बदलाव मंहगाई के स्तर को देखते हुए ही लेगा।