देश में सर्वाधिक गन्ना उत्पादन करने वाले उत्तर प्रदेश के किसानों की स्थिति काफी खराब है। किसानों को मिलों से गन्ने का भुगतान नहीं मिल रहा है। स्थिति यह है कि पिछले एक दशक में कई मिलें बंद भी हो चुकी हैं। भाजपा के सांसद योगी आदित्यनाथ ने इस मामले को लोकसभा में उठाते हुए कहा कि किसानों का लगभग 14 चीनी मिलों पर लगभग 40 करोड़ रुपये फंसा हुआ है। केंद्र सरकार व राज्य सरकार इस मामले में उदासीन हैं। जिसके चलते गन्ना किसानों की स्थिति लगातार खराब हो रही है।
योगी आदित्यनाथ ने लोकसभा में शून्यकाल के दौरान इस मामले को उठाते हुए केंद्र को बताया कि उप्र के गन्ना किसानों की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। इसके लिए न प्रदेश सरकार कोई कदम उठा रही है और न ही केंद्र सरकार। उन्होंने बताया कि कई चीनी मिलें बंद भी हो चुकी हैं। ऐसी स्थिति में किसानों के बकाये का भुगतान भी फंस गया है।
उन्होंने कहा कि चालू पेराई सीजन में प्रदेश सरकार ने गन्ने के राज्य परामर्श मूल्य (एसएपी) में सिर्फ 40 रुपये क्विंटल की बढ़ोतरी की है, जो लागत बढ़ोतरी के लिहाज से नाकाफी है। योगी के मुताबिक एक वर्ष में चीनी के दाम 12 रुपये किलो तक बढ़े हैं। ऐसी स्थिति में गन्ने के मूल्यों में भी उचित बढ़ोतरी की जानी चाहिए। साथ ही उत्तर प्रदेश गन्ना किसानों के बकाये का भुगतान कराने के लिए केंद्र सरकार को तत्काल सख्त कदम उठाने चाहिए।