हाउसिंग सेक्टर में उम्मीद के मुताबिक तेजी नहीं आ रही है। ऐसे में मांग की तुलना में आपूर्ति की कमी, महंगे कर्ज, इंफ्रास्ट्रक्चर का बेहतर न होने से हो रहा है, जिसकी सबसे ज्यादा मार कम आय वाले वर्ग पर पड़ रही है। बृहस्पतिवार को नेशनल हाउसिंग बैंक द्वारा जारी रिपोर्ट ‘ट्रेंड एंड प्रोग्रेस ऑफ हाउसिंग इन इंडिया 2012’ के अनुसार शहर में कम आय वाले वर्ग के लिए घरों की 95 फीसदी कमी है।
रिपोर्ट के अनुसार, मार्च 2012 तक बैंकों द्वारा दिए गए कुल हाउसिंग लोन में से पांच लाख रुपये से कम के कर्ज केवल 17 फीसदी हैं। वहीं 25 लाख रुपये से ज्यादा के होम लोन 23 फीसदी हैं। इसी तरह, हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों द्वारा पांच लाख रुपये से कम का होम लोन केवल 3.30 फीसदी ही है।