गेहूं की फसल की बिजाई होने के बाद आमतौर पर यूरिया खाद की मांग बढ़ जाती है। किसानों को खाद की कमी न हो और किसानों को महंगा खाद न मिले, इसके लिए जिला कृषि विभाग ने कडे़ कदम उठाने की तैयारी कर ली है। अगर कोई डीलर यूरिया खाद को तय दामों से अधिक पर बेचता पाया जाता है तो उसका लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा।
जिला कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार, उनके पास शिकायतें आई हैं कि जिले में यूरिया खाद की कमी होने की अफवाह फैलाने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि खाद विक्रेता महंगे दामों पर खाद बेच सकें। जबकि जिले में खाद की कोई कमी नहीं है।
अधिकारियों के अनुसार गेहूं की फसल के दौरान जिले में 10 हजार मीट्रिक टन यूरिया खाद की जरूरत होती है। अभी तक जिले में 4 हजार मीट्रिक टन यूरिया आ चुका है और अगले 15 दिनों में 3 मीट्रिक टन यूरिया आने वाला है।
फिलहाल जिले में 800 मीट्रिक टन यूरिया हेफेड के पास और लगभग 250 मीट्रिक टन यूरिया प्राइवेट खाद विक्रेताओं के पास उपलब्ध है। अधिकारियों का कहना है कि किसानों को यूरिया खाद की कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी।
जिला कृषि विभाग के तकनीकी सहायक भगवान सिंह यादव ने बताया कि इस समय यूरिया के रेट 265.50 रुपये प्रति बैग है। ट्रांसपोर्ट चार्ज लगा कर विक्रेता इसे 270 रुपये प्रति बैग तक बेच सकते हैं। अगर इससे अधिक दाम विक्रेताओं द्वारा मांगे जाते हैं, तो किसान इसकी शिकायत कृषि विभाग में कर सकते हैं। ऐसे विक्रेताओं का लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा।