आर्थिक दुश्वारियों के बीच चालू वित्तवर्ष में भारतीय उद्योगों के आला अधिकारियों को वेतन में 9.4 फीसदी की वृद्धि होने का अनुमान है। हालांकि, यह आंकड़ा पिछले वित्तवर्ष से कम है। पिछले साल शीर्ष कार्यकारियों की वेतन वृद्धि दहाई अंक में रही थी।
ग्लोबल कंसल्टेंसी फर्म हे ग्रुप के अनुसार, मौजूदा वित्तवर्ष में टॉप सीईओ और उनके सहकर्मियों को वेतन में क्रमश: 9 फीसदी और 9.4 फीसदी की बढ़ोतरी हो सकती है। पिछले वित्तवर्ष में यह वेतन वृद्धि करीब 11 फीसदी रही थी। हे ग्रुप इंडिया के प्रमुख श्रीधर गणेशन का कहना है कि अगले वित्तवर्ष (2013-14) के लिए भारतीय सीईओ और आला अधिकारियों के वेतन वृद्धि का अनुमान क्रमश: 8.9 फीसदी और 9 फीसदी लगाया गया है।
आर्थिक अस्थिरता का असर शीर्ष कार्यकारियों की वेतन-भत्तों में बढ़ोतरी पर पड़ रहा है। दुनियाभर में भी सीईओ और शीर्ष अधिकारियों के वेतन में बढ़ोतरी का आंकड़ा इकाई के दायरे में ही है। हे ग्रुप ने मंगलवार को ‘शीर्ष कार्यकारी वेतन रिपोर्ट’ जारी की, जिसमें भारत में संचालित 158 संगठनों और भारतीय व नॉन प्रमोटर सीईओ के लिए वेतन के रुझानों को दर्शाया गया है। लंबी अवधि और लघु अवधि दोनों में आला अधिकारियों का प्रोत्साहन पैकेज उनके कुछ वेतन का 30-44 फीसदी हो सकता है।
गणेशन ने बताया कि कंपनियां अपनी शीर्ष प्रबंधन टीम की तुलना में सीईओ की भूमिका का मूल्यांकन अधिक कर रही हैं। सीईओ को अन्य वरिष्ठ कार्यकारियों की तुलना में तीन गुना अधिक भुगतान किया जाता है। बेसिक रिसोर्सेज, रिटेल, कंस्ट्रक्शन और मैटेरियल इंडस्ट्री में यह अनुपात चार गुने से भी अधिक हो जाता है। हे ग्रुप के अनुसार, रिटेल और बेसिक रिसोर्सेज जैसे सेक्टरों में बाहर से सीईओ नियुक्त करने का चलन बढ़ रहा है। बेहतर परिणाम को लेकर कंपनियों में बढ़ती अधीरता से रेडीमेड सीईओ की नियुक्ति को बल मिल रहा है।