कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) का न्यासी बोर्ड सोमवार को अपने पांच करोड़ अंशधारकों को पीएफ जमा पर वित्त वर्ष 2012-13 के लिए 8.5 फीसदी ब्याज देने का फैसला ले सकता है। यह पिछले वित्त वर्ष में दिए गए 8.25 प्रतिशत ब्याज की तुलना में 0.25 फीसदी अधिक होगा।
ईपीएफओ के नोट में कहा गया है कि वित्त वर्ष 2012-13 के लिए 8.5 प्रतिशत ब्याज तर्कसंगत है। इस नोट पर ईपीएफओ की परामर्श इकाई वित्त और निवेश समिति (एफआईसी) ने 15 फरवरी को विचार किया था।
ईपीएफओ के आकलन के अनुसार, चालू वित्त वर्ष में 8.6 फीसदी ब्याज देने से उसे 240.49 करोड़ रुपये का घाटा होगा जबकि 8.5 फीसदी ब्याज देने से उसके पास 4.13 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि उपलब्ध होगी।
एक सूत्र ने बताया कि ईपीएफओ की निर्णय लेने वाली शीर्ष केंद्रीय न्यासी बोर्ड (सीबीटी) की सोमवार को बैठक होनी है। इसमें मौजूदा वित्त वर्ष के ब्याज पर निर्णय लिया जा सकता है।