कम कीमत के घर बनाने वाले बिल्डर, डेवलपर के लिए विदेशी कर्ज जुटाने का रास्ता साफ हो गया है। इसके तहत 60 वर्ग मीटर के क्षेत्र में बनने वाले घर आएंगे। साथ ही जो बिल्डर या डेवलपर अपने कुल प्रोजेक्ट का 60 फीसदी हिस्सा छोटे घरों के लिए रखेंगे वह विदेशों से कर्ज जुटा सकेंगे। विदेशी वाणिज्यिक कर्ज (ईसीबी) के जरिए पूंजी जुटाने से कर्ज सस्ता मिल जाता है।
रिजर्व बैंक द्वारा जारी दिशानिर्देश के तहत कंपनी कानून-1956 के तहत पंजीकृत और कम से कम पांच साल का डेवलपर्स या बिल्डर्स का अनुभव रखने वाले कारोबारी इसके लिए पात्र होंगे। साथ ही उनका कारोबारी रिकॉर्ड भी ऐसे कर्ज के लिए साफ-सुथरा होना जरूरी होगा। जो कारोबारी विदेशी कर्ज जुटाना चाहेंगे, उन्हें नेशनल हाउसिंग बैंक के पास आवेदन करना होगा। इसकी मंजूरी के बाद कारोबारियों का आवेदन रिजर्व बैंक के पास भेजा जाएगा।
आरबीआई ने बिल्डर, डेवलपर के अलावा हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों को भी शर्तों के साथ ईसीबी के जरिए पूंजी जुटाने की अनुमति दी है। चालू वित्तीय वर्ष के बजट में कम कीमत वाले घरों के लिए साल में कुल एक अरब डॉलर तक पूंजी जुटाने का प्रावधान किया गया है।